यूपी के 12 लाख शिक्षकों को बड़ी सौगात, ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा; सीएम योगी ने लॉन्च की योजना

HIGHLIGHTS
- सीएम योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत की, जिससे यूपी के करीब 12 लाख शिक्षक और उनके परिवार लाभान्वित होंगे।
- योजना के तहत पात्र शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अन्य कर्मियों को 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
- कार्यक्रम में 1.10 करोड़ स्कूली बच्चों के अभिभावकों के खातों में यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और स्टेशनरी के लिए 1200 रुपये डीबीटी के जरिए भेजे गए।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए योगी सरकार ने बुधवार को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल, बड़ालालपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत प्रदेश के करीब 12 लाख शिक्षकों और उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज सुविधा मिलेगी।
योजना का लाभ केवल नियमित शिक्षकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया गया है।
शिक्षकों से सीएम योगी की अपील- बच्चों की पढ़ाई और स्कूलों की व्यवस्था पर दें ध्यान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षकों के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा की चिंता करते हुए यह सुविधा शुरू की है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों से बदले में केवल एक अपेक्षा रखती है कि वे बच्चों की शिक्षा, स्कूलों की स्वच्छता और उनके सर्वांगीण विकास पर ध्यान दें।
सीएम योगी ने कहा कि विद्यालयों का वातावरण बेहतर होना चाहिए और बच्चों में अनुशासन की भावना विकसित करनी होगी। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की दिनचर्या और स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर जागरूक रहें।
उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद के बच्चों के लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर और स्टेशनरी जैसी जरूरतों के लिए डीबीटी के माध्यम से 1200 रुपये की राशि भी भेजी गई है।
शिक्षकों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा कवर
कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बीच एक समझौता भी किया गया। इसके तहत करीब 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस व्यवस्था में अस्थायी शिक्षकों को भी जोखिम कवर मिलेगा, जिसमें दुर्घटना, पढ़ाई, विवाह और शारीरिक नुकसान जैसी स्थितियों से जुड़ी सहायता शामिल होगी।
शिक्षा को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार
सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने का काम नहीं करता, बल्कि वह राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज की नींव है और इसके बिना किसी भी राज्य का विकास संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले बोर्ड परीक्षाओं में लंबा समय लगता था, लेकिन अब कम समय में परीक्षा प्रक्रिया पूरी कर परिणाम जारी किए जा रहे हैं।
1.10 करोड़ बच्चों के खातों में भेजी गई राशि
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के करीब 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 1200 रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। यह राशि बच्चों की यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर और स्टेशनरी खरीदने के लिए दी गई है।
इस मौके पर बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
स्वच्छ और हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का सम्मान
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ और हरित विद्यालयों के 12 प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा सरकार की ओर से स्कूलों में आईसीटी लैब और आधुनिक शिक्षा सुविधाओं को बढ़ावा देने की योजनाओं की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने वाला राज्य बनाना है, जिसके लिए शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करना जरूरी है।
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