CJP में महिला प्रवक्ताओं पर विवाद, अभिजीत दिपके ने दी सफाई

नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पार्टी में महिला प्रवक्ताओं की कमी को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी की ओर से महिला टीम सदस्यों को प्रवक्ता बनने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन कई महिलाओं ने लगातार मिल रही ऑनलाइन ट्रोलिंग, धमकियों और हमलों के चलते सार्वजनिक मंच पर आने के बजाय संगठन के भीतर रहकर काम करने को प्राथमिकता दी है।
दिपके ने कहा कि पार्टी उनके इस फैसले का सम्मान करती है और किसी पर भी सार्वजनिक रूप से सामने आने का दबाव नहीं बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने उन युवा महिलाओं से आगे आने की अपील की जो संगठन से जुड़कर प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी का एजेंडा साफ
गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP ने अपना मुख्य एजेंडा देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार को बताया। पार्टी ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में मौजूद खामियों को दूर करना उनकी प्राथमिक प्राथमिकता है। इसी दौरान पार्टी और उसके समर्थकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग उठाई और शिक्षा प्रशासन में अधिक जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।
तीन नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति
इससे एक दिन पहले, बुधवार को पार्टी ने मीडिया और जनता से संवाद के लिए तीन प्रवक्ताओं की नियुक्ति की घोषणा की थी। इसकी जानकारी पार्टी ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट “कॉकरोच इज बैक” के जरिए साझा की।
पार्टी के अनुसार, खोजी पत्रकार सौरव दास को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है। उनके साथ राजनीतिक शोधकर्ता, लेखक और फिल्म निर्माता विजेता दहिया तथा आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और मैकिंजी जैसी वैश्विक कंसल्टिंग कंपनी से जुड़े रहे आशुतोष रांका को भी प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।
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