दमोह में दर्दनाक घटना: बेटे की मौत के बाद माता-पिता ने भी ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

HIGHLIGHTS
- करैया फाटक के पास ट्रेन की चपेट में आया था 30 वर्षीय मुकेश
- करीब एक घंटे बाद धरमपुरा फाटक पर माता-पिता की भी मौत
- आरपीएफ और कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की
दमोह। रक्षाबंधन के दिन करैया गांव और आसपास के इलाके में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से मातम पसर गया। हिंडोरिया थाना क्षेत्र के करैया निवासी 30 वर्षीय मुकेश अहिरवार की करैया फाटक के पास ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। इसके बाद उसके पिता भरत अहिरवार (58) और मां उमा (55) ने भी धरमपुरा फाटक के पास ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह परिजनों को मुकेश की मौत की सूचना मिली थी। इसके बाद उसके माता-पिता घटनास्थल पर पहुंचे। करीब एक घंटे बाद धरमपुरा फाटक के पास दोनों की भी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। जानकारी मिलने पर आरपीएफ और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। तीनों शवों को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया।
घटना की वजह अभी साफ नहीं
कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि, घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने आसपास के लोगों और पड़ोसियों से जानकारी जुटाकर उनके बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है। पुलिस के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पड़ोसी ने बताई अलग कहानी
पड़ोसी मनोज अहिरवार ने बताया कि घटना से कुछ समय पहले मुकेश उनके घर आया था। उसने घर में समस्या होने की बात कहते हुए मनोज से साथ चलने के लिए कहा था। उस समय मनोज के घर पूजा चल रही थी, इसलिए उन्होंने कुछ देर बाद आने की बात कही। इसके कुछ ही समय बाद मुकेश की मौत की जानकारी मिली।
छोटा बेटा बहन को लेने गया था सागर
परिजनों के अनुसार परिवार में माता-पिता के अलावा दो बेटे और एक बेटी हैं। घटना के समय छोटा बेटा दौलत अपनी बहन को लेने सागर गया हुआ था। परिवार के दूसरे सदस्यों को घटना की जानकारी बाद में मिली। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
दो साल पहले हुई थी मुकेश की शादी
परिजनों ने बताया कि मुकेश की शादी करीब दो साल पहले हुई थी और उसकी पत्नी गर्भवती है। मुकेश निजी काम करता था। वहीं, उसके पिता भरत दमोह जिला अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करते थे। उनके साथी भागचंद अहिरवार के मुताबिक, दोनों करीब सात साल से साथ काम कर रहे थे।
रक्षाबंधन के दिन हुई इस घटना के बाद करैया गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है।
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