दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन, जानें क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें

HIGHLIGHTS
- नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने मौके पर पहुंचकर बातचीत की।
- पुलिस ने प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान का विकल्प सुझाया।
- सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को देखते हुए पुलिस ने कदम उठाया।
नई दिल्ली। आरक्षण के विरोध में शुक्रवार सुबह से प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी आरक्षण में बदलाव की मांग के विरोध में धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती, वे जंतर-मंतर खाली नहीं करेंगे।
वहीं, दिल्ली पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली करने की अपील कर रही है। नई दिल्ली के जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे रामलीला मैदान जाकर प्रदर्शन कर सकते हैं। पुलिस के मुताबिक, वहां प्रदर्शन की अनुमति दी जाएगी।
पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। जंतर-मंतर पर अक्सर होने वाले प्रदर्शनों से आम जनजीवन प्रभावित होता है। पिछले कुछ समय से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर सख्त नियम लागू किए गए हैं। इससे पहले भी यह प्रदर्शन आयोजित किया जा चुका है, लेकिन उस समय इसमें बहुत कम संख्या में लोग पहुंचे थे।
पुलिस का मानना है कि कम संख्या होने के बावजूद जंतर-मंतर पर भीड़ जुटाना उचित नहीं है। रामलीला मैदान बड़ा स्थान है, जहां ज्यादा लोगों को जगह दी जा सकती है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं और कई जगह अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
रामलीला मैदान में व्यवस्थाएं
रामलीला मैदान दिल्ली में बड़े आयोजनों और प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थान है। यहां प्रदर्शनकारियों के लिए पर्याप्त जगह और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पुलिस ने रामलीला मैदान में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। मैदान में प्रवेश और निकास के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।
इंस्टाग्राम पेज से किया गया था प्रदर्शन का आह्वान
आरक्षण विरोधी प्रदर्शन का आह्वान इंस्टाग्राम के ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ नाम के पेज से किया गया था। इस पेज के जरिए लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जोड़ा जा रहा था। इसके बाद 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया गया। प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रचार किया गया था।
रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन क्या है?
इस समूह का इंस्टाग्राम अकाउंट reservationhataomovement नाम से चल रहा है। इसमें 109 पोस्ट हैं और यह केवल भारतीय सेना के आधिकारिक अकाउंट को फॉलो करता है। समूह की प्रोफाइल में लिखा है कि यह उन नागरिकों का अभियान है, जो सुधार की आवाज उठाने में विश्वास रखते हैं। प्रोफाइल में डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रसिद्ध नारे ‘एजुकेट-एजिटेट-ऑर्गेनाइज’ का भी इस्तेमाल किया गया है। हिंदी में लिखा है, ‘सारी जाति एक समान, मेरा बस ये देश महान।’ अंत में ‘जय हिंद’ लिखा गया है।
क्या हैं मुख्य मांगें?
समूह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि यदि सरकार का उद्देश्य जाति आधारित भेदभाव खत्म करना है, तो सार्वजनिक जीवन में जाति की पहचान के इस्तेमाल को बंद किया जाना चाहिए।
समूह का कहना है कि व्यक्ति की पहचान जाट-गुर्जर या एससी-एसटी जैसे जातीय आधार पर नहीं होनी चाहिए। उसने सार्वजनिक रूप से जाति प्रदर्शित करने को अवैध घोषित करने की मांग की है। इसके अलावा सरकारी फॉर्म, शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश, नौकरी के आवेदन और अन्य सार्वजनिक प्रक्रियाओं में जाति का उल्लेख अनिवार्य नहीं किए जाने की मांग भी की गई है। समूह ने अपने दीर्घकालिक लक्ष्य को ‘वन नेशन, वन आइडेंटिटी, इंडियन’ बताया है और नारा दिया है कि ‘आरक्षण हटाओ, जाति हटाओ।’
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