महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न पर प्रियंका गांधी ने पूछा- ध्यान क्यों नहीं दे रहे मोदी-शाह?

HIGHLIGHTS
- तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
- शिकायतें मिलने के बाद नई दिल्ली जिला पुलिस ने उन्हें क्राइम ब्रांच को सौंप दिया।
- एक महिला पत्रकार ने एक एसीपी पर भी कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रतिक्रिया दी है। प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि इस मामले पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की रिपोर्टिंग के दौरान महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि दर्जनों पत्रकारों के विरोध के बावजूद न तो कोई एफआईआर दर्ज की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई।
प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
प्रियंका गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस उनके साथ बहुत खराब व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएं उसी पुलिस बल से खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं, जिसका काम उनकी सुरक्षा करना है।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि कॉलेज की छात्राओं से लेकर पत्रकारों तक, हर जगह महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा, 'नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी, क्या महिलाओं के साथ ये बर्ताव उचित है? अगर नहीं तो आप इसका संज्ञान क्यों नहीं लेते?'
महिला पत्रकारों ने क्या आरोप लगाए?
एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सीईसी के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने निष्पक्ष जांच के लिए उनकी शिकायतें क्राइम ब्रांच को सौंप दी हैं।
शनिवार को इनमें से एक महिला पत्रकार ने पीटीआई से बातचीत के दौरान एक असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
अधिकारी ने क्या बताया?
अधिकारी के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई कथित घटनाओं को लेकर नई दिल्ली जिला पुलिस को शिकायतें मिली थीं। उस समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
अधिकारी ने बताया कि निष्पक्ष जांच के लिए जिला पुलिस ने शिकायतें क्राइम ब्रांच को सौंप दी हैं। क्राइम ब्रांच आरोपों की जांच करेगी और शिकायतकर्ताओं के साथ-साथ अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज करेगी।
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ पुलिस के व्यवहार पर हैरानी और निराशा जताई। परिषद ने दिल्ली पुलिस से शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा है।
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