दिल्ली: सीएम रेखा गुप्ता ने किया कांवड़ समिति का पुनर्गठन, कपिल मिश्रा बने अध्यक्ष

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए कांवड़ समिति का पुनर्गठन किया है। सरकार ने इस बार यात्रा व्यवस्था को और अधिक सुचारू और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से नई समिति का गठन किया है।
कपिल मिश्रा बने समिति के अध्यक्ष
दिल्ली सरकार के संस्कृति एवं कानून मंत्री कपिल मिश्रा को कांवड़ समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच विधायकों को समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
इनमें अजय महावर, अनिल शर्मा, करनैल सिंह, संजय गोयल और उमंग बजाज शामिल हैं।
श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार इस वर्ष भी शिवभक्तों के लिए बेहतर और सम्मानजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी। कांवड़ शिविरों को आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।
समिति करेगी व्यापक तैयारियों की समीक्षा
जानकारी के अनुसार, नवगठित समिति जल्द ही दिल्ली प्रशासन, पुलिस, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेगी।
बैठक में रूट मैनेजमेंट, टेंट व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा और निर्बाध बिजली-पानी आपूर्ति जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी।
पिछले वर्षों की व्यवस्थाओं का हवाला
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में 170 कांवड़ शिविरों को मंजूरी दी गई थी, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 374 तक पहुंच गई। सरकार ने दावा किया कि इस दौरान शिविरों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता और अन्य सुविधाएं भी प्रदान की गईं।
इनमें बैंक खाते के माध्यम से 50,000 रुपये से लेकर 11 लाख रुपये तक की सहायता शामिल रही, जिसका एक हिस्सा अग्रिम रूप से जारी किया गया था। इसके अलावा बिजली सब्सिडी और अन्य राहत उपाय भी लागू किए गए थे।
सरकार का दावा: बेहतर और सुरक्षित यात्रा व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली में प्रवेश करने वाले हर कांवड़िए को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं मिलें, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.


















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.