'आंदोलन के पहले दिन ही इस्तीफा देने को तैयार थे धर्मेंद्र प्रधान', कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा दावा

HIGHLIGHTS
- कैलाश विजयवर्गीय का दावा- धर्मेंद्र प्रधान ने आंदोलन शुरू होने के पहले दिन ही इस्तीफे की पेशकश की थी।
- विजयवर्गीय ने प्रधान के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने हर जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाई।
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने 36 दिन का आंदोलन वापस ले लिया।
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे को लेकर अब कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इस मामले में बड़ा दावा किया है।
विजयवर्गीय का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू होने के पहले ही दिन इस्तीफा देने की पेशकश कर दी थी। शनिवार को इंदौर में न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि प्रधान ने बीजेपी नेतृत्व को यह बता दिया था कि अगर पार्टी को आवश्यक लगे तो वह शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।
'उस समय पार्टी ने इस्तीफे पर कोई फैसला नहीं लिया था'
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "जैसे ही छात्रों का आंदोलन शुरू हुआ, पहले दिन ही प्रधान ने बीजेपी अध्यक्ष से कहा था कि अगर उन्हें जरूरी लगे तो वह शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।" उन्होंने बताया कि उस समय पार्टी अध्यक्ष ने प्रधान से इस्तीफा नहीं देने को कहा था और कहा था कि अभी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। साथ ही उन्हें इस मुद्दे पर आगे चर्चा नहीं करने की सलाह दी गई थी।
विजयवर्गीय ने किया धर्मेंद्र प्रधान का बचाव
विजयवर्गीय ने दावा किया कि बाद में जब पार्टी ने इस्तीफा देने का फैसला किया तो धर्मेंद्र प्रधान ने तुरंत अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री का बचाव करते हुए कहा कि प्रधान ने उन्हें मिली सभी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ निभाया।
प्रधान के इस्तीफे का जिक्र करते हुए विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि इस कदम से बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी स्थिति पैदा कर भारत को अस्थिर करने की विदेशी ताकतों की कोशिशें नाकाम हो गईं।
'प्रधान ने जो किया, उसके लिए वह बधाई के पात्र'
उन्होंने कहा, "प्रधान के इस्तीफे ने उन विदेशी ताकतों की साजिशों को नाकाम कर दिया है, जो बांग्लादेश और श्रीलंका की तरह भारत में हिंसा फैलाकर अस्थिरता पैदा करना चाहती थीं। उन्होंने जो किया है, उसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं।"
बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना 36 दिन से चल रहा आंदोलन वापस ले लिया। इस आंदोलन में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नीट पेपर लीक मामले को लेकर बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।
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