नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोपी पिता को उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाया कड़ा फैसला

नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट Vineet Chaudhary ने आरोपी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोषी को अपने जीवन के अंत तक जेल में रहना होगा। इसके साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे अपराधी समाज के लिए “कैंसर” के समान हैं, जिन्होंने पिता और पुत्री जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है।
मामला कैसे सामने आया
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो Mahesh Raghav ने बताया कि 6 अप्रैल 2021 को पीड़िता की मां ने कोतवाली डिबाई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, महिला खेत में काम कर रही थी जबकि उसकी 14 वर्षीय बेटी अपनी बुआ के साथ पास के खेत में चारा काटने गई थी।
इसी दौरान पड़ोस की एक महिला के फोन पर पीड़िता ने रोते हुए बताया कि उसके पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। सूचना मिलने पर आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जांच और ट्रायल
पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर 3 जून 2021 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
अदालत की सख्त टिप्पणी
फैसले में अदालत ने कहा कि यह अपराध केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि सामाजिक मूल्यों और मानवता पर सीधा हमला है। न्यायालय ने कहा कि ऐसे मामलों में नरमी दिखाना समाज के लिए गलत संदेश देगा।
मां-बेटी के बयान में बदलाव
अभियोजन पक्ष के अनुसार, शुरुआत में पीड़िता की मां ने बेटी को न्याय दिलाने के लिए शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में पारिवारिक दबाव के चलते मां और बेटी दोनों अपने बयान से मुकर गईं। इससे आरोपी के बचने की संभावना बढ़ गई थी।
हालांकि, जांच के दौरान फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) रिपोर्ट में महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए, जिसमें स्पर्म का मिलान हुआ। इसी वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई।
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