दो साल से लापता बेटे की तलाश में वृंदावन पहुंचे पिता, आश्रम के बाहर हुआ हंगामा

HIGHLIGHTS
- प्रिंस 10 मई 2024 को आश्रम में एकांतिक वार्तालाप के लिए गया था।
- परिजनों ने वृंदावन थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
- पिता कई बार 15-15 दिनों तक वृंदावन में रहकर बेटे को तलाश चुके हैं।
वृंदावन। मेरठ के इंद्रपुरम कॉलोनी, परतापुर निवासी नेत्रपाल सिंह सोमवार को अपने 20 वर्षीय बेटे प्रिंस की तलाश में श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम पहुंचे। आश्रम के बाहर दोपहर करीब 2:30 बजे स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। स्थानीय लोगों ने दो साल बाद खोजबीन करने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इससे संत प्रेमानंद की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा।
हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वीडियोग्राफी कर रहे एक युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद युवक से माफीनामा लिखवाकर उसे छोड़ दिया गया।
संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद लापता अपनों की तलाश में कई लोग वृंदावन पहुंच रहे हैं। मेरठ के इंद्रपुरम कॉलोनी, परतापुर निवासी नेत्रपाल सिंह भी अपने परिवार के साथ 9 मई 2024 को वृंदावन आए थे। परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें प्रिंस सबसे बड़ा है।
20 वर्षीय प्रिंस ने 5 मई को नीट की परीक्षा दी थी, जिसमें उसे 560 अंक मिले थे। 10 मई की सुबह करीब 6 बजे प्रिंस आश्रम में संत से एकांतिक वार्तालाप का टोकन लेकर अंदर गया था, लेकिन इसके बाद वह बाहर नहीं निकला।
परिजनों के मुताबिक, वे कई घंटे तक बाहर इंतजार करते रहे। जब प्रिंस वापस नहीं आया तो उन्होंने आश्रम के साधुओं और सेवादारों से पूछताछ की। साधुओं ने पहले इंतजार करने को कहा और बाद में पुलिस के पास जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजनों ने वृंदावन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
प्रिंस के पिता नेत्रपाल सिंह का आरोप है कि पुलिस और आश्रम प्रशासन से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है। वह कई बार 15-15 दिनों तक वृंदावन में रुककर बेटे की तलाश कर चुके हैं। परिजनों का कहना है कि प्रिंस के लापता होने के बाद से उसकी बहन सदमे में है और उसकी तबीयत बेहद खराब हो गई है। परिवार का कहना है कि वे सिर्फ अपने बेटे को सही-सलामत वापस चाहते हैं।
सीसीटीवी फुटेज में जाता दिखा प्रिंस
परिजन एक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दावा कर रहे हैं कि प्रिंस एक साधु वेशधारी व्यक्ति के साथ जाता हुआ दिखाई दे रहा है। नेत्रपाल सिंह का कहना है कि आश्रम प्रबंधन लगातार टालमटोल कर रहा है। उनका कहना है कि अगर प्रिंस अपनी मर्जी से भी रुका है तो कम से कम एक बार परिवार से उसकी बात कराई जाए।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद पुलिस जांच में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। परिवार कई बार अधिकारियों के चक्कर काट चुका है, लेकिन हर जगह से केवल आश्वासन मिला है। पीड़ित परिवार ने सरकार और उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस ने युवक से केवल पूछताछ की थी। परिजन की शिकायत पर जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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