यूपी से राज्यसभा चुनाव के लिए BJP ने उतारे 8 प्रत्याशी, सामाजिक समीकरणों का रखा ध्यान

HIGHLIGHTS
- भाजपा की सूची में तीन OBC, दो SC और तीन सामान्य वर्ग के उम्मीदवार हैं।
- उम्मीदवारों में दो महिलाओं को भी जगह दी गई है।
- सामान्य वर्ग से दो ब्राह्मण और एक राजपूत प्रत्याशी हैं।
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडेय, राम प्रताप सिंह चौहान, प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार को प्रत्याशी बनाया है। पार्टी की यह सूची सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर तैयार की गई मानी जा रही है।
भाजपा की ओर से जारी उम्मीदवारों की सूची में सामाजिक समीकरणों का खास ध्यान रखा गया है। इसमें तीन OBC, दो SC और तीन सामान्य वर्ग के उम्मीदवार शामिल हैं। आठ प्रत्याशियों में दो महिलाएं हैं। सामान्य वर्ग से दो ब्राह्मण और एक राजपूत को मौका दिया गया है। वहीं OBC वर्ग में एक लोधी, एक पाल और एक कुर्मी उम्मीदवार को प्रतिनिधित्व मिला है।
धर्मपाल सिंह लोधी बिरादरी से आते हैं और वर्तमान में योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। प्रकाश पाल संगठन में क्षेत्रीय मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वह पाल बिरादरी से हैं, जिसे OBC समुदाय में गड़रिया बिरादरी माना जाता है।
विद्यासागर सोनकर दलित बिरादरी से आते हैं। वह पार्टी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। सोनकर पूर्व विधान परिषद सदस्य (MLC) और मछलीशहर से पूर्व सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वह पार्टी के पूर्व महामंत्री भी रहे हैं।
नए चेहरों पर भाजपा का भरोसा
इस बार भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए सभी नए चेहरों को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने पुराने चेहरों को सूची में जगह नहीं दी है। इनमें अरुण सिंह, सीमा द्विवेदी, बीएल वर्मा, हरदीप सिंह पुरी, नीरज शेखर, बृजलाल, दिनेश शर्मा और गीता शाक्य जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को भी इस बार उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। वहीं, दिनेश शर्मा वर्तमान में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल हैं।
भाजपा के 8 उम्मीदवार
- धर्मपाल सिंह
- राधाकांत ओझा
- प्रकाश पाल
- विद्यासागर सोनकर
- गोपी कृष्ण पाण्डेय
- प्रियंका सिंह रावत
- राम प्रताप सिंह चौहान
- श्रुति गंगवार
श्रुति गंगवार को मौका, संतोष गंगवार की बेटी हैं
भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में बरेली के पूर्व केंद्रीय मंत्री और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार को भी प्रत्याशी बनाया है। पार्टी के इस फैसले को रूहेलखंड क्षेत्र में सामाजिक संतुलन और कुर्मी वोट बैंक को ध्यान में रखने के साथ पुराने नेतृत्व के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
रूहेलखंड के बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में कुर्मी समुदाय की महत्वपूर्ण मौजूदगी है। आठ बार सांसद रहे संतोष गंगवार इस वर्ग के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। श्रुति गंगवार को राज्यसभा भेजने के फैसले के जरिए पार्टी ने OBC वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर संदेश देने की कोशिश की है।
पिता संतोष गंगवार हैं झारखंड के राज्यपाल
2024 के लोकसभा चुनाव में टिकटों में बदलाव और नई पीढ़ी को मौका देने के दौरान संतोष गंगवार का टिकट काटे जाने के बाद उनके समर्थकों और स्थानीय कैडर में असमंजस की स्थिति बनी थी। इसके बाद पार्टी ने पहले संतोष गंगवार को झारखंड का राज्यपाल बनाया और अब उनकी बेटी श्रुति गंगवार को उच्च सदन का प्रत्याशी बनाया है।
राजनीति में नया और आधुनिक चेहरा
समाजवादी पार्टी की ओर से लगातार ‘पीडीए’ यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक का मुद्दा उठाए जाने के बीच भाजपा उच्च शिक्षित, पेशेवर और युवा चेहरों को आगे बढ़ा रही है। आईआईटी पृष्ठभूमि वाली पेशेवर इंजीनियर श्रुति गंगवार को राजनीति में आगे लाकर भाजपा ने एक नई और आधुनिक छवि पेश की है।
अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की अध्यक्ष हैं श्रुति
श्रुति गंगवार अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की अध्यक्ष हैं और लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने के साथ उनका औपचारिक राजनीतिक प्रवेश माना जा रहा है। इससे रूहेलखंड में भाजपा को एक युवा महिला चेहरा मिलने की बात कही जा रही है।
राम प्रताप सिंह चौहान को भी मिला मौका
आगरा से राम प्रताप सिंह चौहान को भी राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को होना है। भाजपा ने इस बार कई नए चेहरों को मौका दिया है, जबकि मौजूदा राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवारों की सूची में जगह नहीं मिली।
राम प्रताप सिंह चौहान एत्मादपुर से विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में प्रदेश महामंत्री हैं। वहीं, पार्टी ने प्रदेश के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह को भी राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। धर्मपाल सिंह आगरा के क्षेत्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.