बरेली से राज्यसभा का दोहरा दांव: श्रुति गंगवार और धर्मपाल सिंह बने प्रत्याशी

HIGHLIGHTS
- श्रुति गंगवार पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की बेटी हैं।
- संतोष गंगवार बरेली से आठ बार सांसद रह चुके हैं।
- धर्मपाल सिंह आंवला से पांच बार विधायक रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के साथ रूहेलखंड और ब्रज क्षेत्र को लेकर बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और आठ बार के सांसद संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह को भी उच्च सदन के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है।
बरेली से जुड़े इन दोनों प्रमुख ओबीसी चेहरों को राज्यसभा भेजने के फैसले के जरिए भाजपा ने रूहेलखंड से ब्रज तक कुर्मी और लोध वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति अपनाई है।
श्रुति गंगवार लंबे समय से समाज सेवा और संगठन से जुड़े कार्यों में सक्रिय रही हैं। उनके पिता संतोष गंगवार बरेली से आठ बार सांसद रह चुके हैं और केंद्र सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वहीं, आंवला विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे धर्मपाल सिंह वर्तमान में योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
कार्यकर्ताओं में उत्साह
भाजपा नेतृत्व की ओर से बरेली क्षेत्र के दो प्रमुख नेताओं को राज्यसभा भेजने के फैसले से रूहेलखंड और ब्रज क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है। दोनों प्रत्याशियों के नामांकन पत्र दाखिल करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
लोकसभा चुनाव में टिकट बदले जाने के बाद संतोष गंगवार को राज्यपाल की जिम्मेदारी दी गई थी। अब उनकी बेटी श्रुति गंगवार को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने को पार्टी के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं के लिए मजबूत संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
लोध समुदाय को साधने की कोशिश
योगी सरकार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह आंवला विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रह चुके हैं। ब्रज और पश्चिमांचल में लोध समुदाय के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए उन्हें राज्यसभा में उच्च कद दिया गया है।
भाजपा के इस फैसले का असर बरेली, बदायूं, एटा और कासगंज जिलों की नवाबगंज, आंवला, शेखूपुर, दातागंज, मारहरा और पटियाली समेत एक दर्जन से अधिक विधानसभा सीटों के राजनीतिक समीकरणों पर पड़ने की बात कही जा रही है।
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