बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने के फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई टली, 28 अक्टूबर अगली तारीख

HIGHLIGHTS
- सेशन कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की।
- चार महिला पहलवानों ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है।
- अपील में विनोद तोमर को बरी किए जाने के आदेश को भी चुनौती दी गई है।
भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को उत्पीड़न मामले में बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ महिला पहलवानों की अपील पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की है।
महिला पहलवानों ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में आपराधिक अपील दाखिल की है। सेशन कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को अपील पर जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान बृजभूषण खुद अदालत में मौजूद रहे। इससे पहले की सुनवाई में अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
चार महिला पहलवानों ने दाखिल की अपील
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अगस्त को बृजभूषण शरण सिंह को मामले में बरी कर दिया था। इसके बाद चार महिला पहलवानों ने सेशन कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की। अपील में विनोद तोमर को बरी करने के आदेश को भी चुनौती दी गई है।
याचिका में कहा गया है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट का फैसला कानूनी कसौटी पर सही नहीं उतरता। महिला पहलवानों ने आरोप लगाया है कि अदालत ने साक्ष्यों का गलत और चुनिंदा तरीके से आकलन किया। अपील में यह भी दावा किया गया है कि फैसला अनुमान और अटकलों पर आधारित है तथा स्थापित कानूनी सिद्धांतों को उचित तरीके से लागू नहीं किया गया।
महिला पहलवानों का कहना है कि निचली अदालत के आदेश में पीड़िताओं के व्यवहार को लेकर पुरानी रूढ़िवादी सोच को आधार बनाया गया है।
2023 में सामने आया था मामला
बृजभूषण शरण सिंह और महिला पहलवानों से जुड़ा यह मामला वर्ष 2023 में चर्चा में आया था। देश की कई प्रमुख महिला पहलवानों ने आरोप लगाया था कि 2016 से 2022 के बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों, भारतीय कुश्ती महासंघ के कार्यालय और अन्य स्थानों पर उनके साथ अनुचित व्यवहार और उत्पीड़न किया गया।
हालांकि, बृजभूषण शरण सिंह लगातार अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते रहे हैं। अब मामले में अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।
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