फतेहपुर में अब घर बैठे बुक होगी यूरिया-डीएपी, 24 घंटे में मिलेगी खाद

HIGHLIGHTS
- जिले में ऑनलाइन खाद बिक्री के लिए डिजिटल प्लेटफार्म तैयार
- एफएफसी एप में खाद की दुकानें और समितियां मैप की गईं
- बुकिंग के बाद किसान को बारकोड के जरिए खाद मिलेगी
फतेहपुर। अब किसानों को यूरिया और डीएपी खाद लेने के लिए पहले की तरह दुकानों या सहकारी समितियों पर जाकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिस तरह घर बैठे मोबाइल से गैस सिलिंडर की बुकिंग की जाती है और डीएसपी नंबर मिलने के बाद कुछ घंटे में सिलिंडर उपलब्ध हो जाता है, उसी तरह अब यूरिया और डीएपी की बोरी भी ऑनलाइन बुक की जा सकेगी। बुकिंग के 24 घंटे के भीतर किसान को बुक की गई खाद अपनी दुकान या सहकारी समिति से मिल जाएगी।
खाद की कीमत बुकिंग के समय ऑनलाइन या खाद प्राप्त करते वक्त नकद दी जा सकेगी। बिक्री के लिए तैयार किए गए ऑनलाइन प्लेटफार्म को सरल तरीके से किसानों तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार ने जिले में 26 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया है।
जनपद में करीब पांच लाख किसान हैं, जिनके नाम जमीनें दर्ज हैं। किसान हर वर्ष मुख्य रूप से रबी, खरीफ और जायद फसलों के लिए डीएपी और यूरिया खाद लेते हैं।
खाद की दुकानों पर नकली खाद मिलने की आशंका के चलते अधिकांश किसान सहकारी समितियों से ही खाद लेते हैं। ऑनलाइन खाद बिक्री की व्यवस्था के तहत अब सभी खाद की दुकानों और समितियों को एफएफसी एप में मैप कर दिया गया है। अगले सत्र से इसी एप के जरिए बुकिंग करने पर खाद उपलब्ध होगी।
किसान जब खाद की बुकिंग करेंगे तो एक मिनट में एक बार कोड जनरेट होगा। इस बारकोड को दिखाने के बाद संबंधित समिति से खाद की बोरी प्राप्त की जा सकेगी।
आधार कार्ड और फार्मर रजिस्ट्री से तय होगी खाद की सीमा
ऑनलाइन खाद बिक्री के लिए डिजिटल प्लेटफार्म तैयार किया गया है। इसमें आधार कार्ड के जरिए किसान की पहचान की जाएगी, जबकि फार्मर रजिस्ट्री वाले किसान की खाद की लिमिट तय होगी। इसके लिए प्रत्येक किसान का फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है।
जिले में 95 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है। ऐसे में किसानों को इस व्यवस्था का लाभ घर बैठे मिल सकेगा।
फार्मर रजिस्ट्री में सभी गाटे जुड़ने से मिलेगा लाभ
वर्तमान में जिले के 95 प्रतिशत किसान फार्मर रजिस्ट्री करा चुके हैं। हालांकि, इनमें कुछ ऐसे किसान भी हैं जिनकी फार्मर रजिस्ट्री तो हो गई है, लेकिन उसमें सभी गाटे लिंक नहीं हैं।
ऐसे किसानों को नुकसान हो सकता है, क्योंकि जितनी जमीन फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ी होगी, उसी के आधार पर खाद की लिमिट तय होगी। इसलिए जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री में कोई गाटा छूट गया है, उन्हें दोबारा ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर छूटे हुए गाटे शामिल कराने पर अधिक लाभ मिलेगा।
ऐसे समझें खाद बुकिंग की प्रक्रिया
किसानों को सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से एफएफसी एप डाउनलोड करना होगा। एप में नाम और आधार नंबर दर्ज करने के बाद लोकेशन का चयन करना होगा। लोकेशन चुनते ही संबंधित क्षेत्र की उर्वरक दुकानें और सहकारी समितियां दिखाई देंगी।
जिस दुकान या समिति से खाद लेनी है, उस पर क्लिक करने के बाद वहां उपलब्ध स्टॉक की जानकारी दिखाई देगी। स्टॉक पर क्लिक करने पर किसान की जमीन के आधार पर कुल खाद का कोटा नजर आएगा।
इसके बाद किसान अपनी जरूरत के अनुसार खाद की बोरियों की संख्या दर्ज करेगा। बुकिंग पूरी होने पर बारकोड जनरेट होगा। संबंधित दुकान या समिति पर यह बारकोड दिखाने के बाद किसान को खाद मिल जाएगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.