UN में भारत का पाकिस्तान को करारा जवाब, आतंकवाद खत्म होने तक सिंधु जल संधि रहेगी निलंबित

HIGHLIGHTS
- भारत ने यूएन में कहा कि सीमा पार आतंकवाद जारी रहने तक सिंधु जल संधि निलंबित रहेगी।
- राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान के आरोपों का जवाब देते हुए जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया।
- भारत ने कहा कि आतंकवाद के बीच आपसी विश्वास और सहयोग की उम्मीद नहीं की जा सकती।
संयुक्त राष्ट्र। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की ओर से की गई टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने स्पष्ट कहा कि सीमा पार से आतंकवाद जारी रहने तक सिंधु जल संधि निलंबित रहेगी।
भारत ने कहा कि जब सीमा पार आतंकवाद को सरकारी नीति के एक साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, तो सिंधु जल संधि के तहत सहयोग की उम्मीद नहीं की जा सकती।
जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा: पर्वतनेनी
भारत ने एक बार फिर दोहराया कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। गौरतलब है कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उच्चस्तरीय खुली बहस में यह बयान दिया। इस बहस का विषय ‘प्राकृतिक संसाधनों का प्रशासन: शांति, सुरक्षा और समृद्धि की नींव’ था।
भारत ने यूएन में पाकिस्तान को दिया जवाब
पाकिस्तान को जवाब देते हुए पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि इस्लामाबाद ने गलत नैरेटिव को आगे बढ़ाने के लिए चर्चा का इस्तेमाल किया, जिसके चलते भारत को प्रतिक्रिया देनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि को लेकर भारत का रुख पूरी तरह स्पष्ट है। जब सीमा पार आतंकवाद को नियमित रूप से सरकारी नीति के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, तो आपसी विश्वास और सद्भावना के आधार पर सहयोग की उम्मीद नहीं की जा सकती।
भारत की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद की टिप्पणियों के बाद आई। उन्होंने सिंधु जल संधि को निलंबित करने के भारत के फैसले को अवैध बताया था और भारत पर पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।
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