जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों पर बुलडोजर के आदेश के विरोध में छात्र धरने पर
By Hitesh — July 18, 2026

HIGHLIGHTS
- जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में छात्रों ने मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया।
- छात्रों ने कहा कि प्रशासनिक विवादों की सजा विद्यार्थियों को नहीं मिलनी चाहिए और इससे हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा।
- प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार से विवाद का समाधान निकालने और यूनिवर्सिटी को बंद नहीं करने की मांग की।
Author: — Dainik Dehat
मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में शनिवार को छात्रों ने यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने में शामिल छात्र-छात्राओं ने कहा कि भवनों के नक्शे और अन्य प्रशासनिक विवादों की जिम्मेदारी विद्यार्थियों पर नहीं डाली जानी चाहिए।
छात्रों ने कहा कि सरकार यदि जरूरी समझे तो यूनिवर्सिटी को अपने अधीन लेकर इसका संचालन कर सकती है, लेकिन हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। जौहर यूनिवर्सिटी को आरडीए की ओर से ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया गया है, जिसके बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ गई है। इस मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
शनिवार शाम यूनिवर्सिटी के साथ-साथ अन्य कॉलेजों के छात्र बड़ी संख्या में जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे और प्रदर्शन किया। इसके बाद छात्रों ने बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। धरने पर बैठे विद्यार्थियों ने बताया कि यूनिवर्सिटी में करीब तीन हजार छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।
छात्रों के अनुसार, इनमें बड़ी संख्या आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों की है। इसके अलावा कई छात्र-छात्राएं हॉस्टल में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि भवनों को ध्वस्त किया गया तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी और भविष्य पर संकट खड़ा हो सकता है। देर शाम तक छात्रों का धरना जारी रहा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि यूनिवर्सिटी की स्थापना के बाद क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ है, खासकर छात्राओं को उच्च शिक्षा के अवसर मिले हैं। बड़ी संख्या में बेटियां यहां पढ़ाई कर रही हैं और अपने परिवार व क्षेत्र का नाम आगे बढ़ा रही हैं। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी बंद होने का सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ेगा।
छात्रों ने सरकार से अपील की कि प्रशासनिक और कानूनी विवाद का समाधान विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर भवनों के नक्शे या अन्य औपचारिकताओं में कोई कमी है तो उसका समाधान निकाला जाए, लेकिन पूरे संस्थान को नुकसान नहीं पहुंचाया जाए।
छात्रों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। धरने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी सतर्क हो गई है।
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