JNU में फिर तनाव! उमर खालिद की किताब को लेकर ABVP और JNUSU आमने-सामने

HIGHLIGHTS
- जेएनयू प्रशासन ने सभागार में कार्यक्रम की अनुमति रद्द की थी।
- अनुमति रद्द होने के बाद स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के बाहर चर्चा हुई।
- परिचर्चा के दौरान ABVP और छात्र संघ के बीच तनाव दिखा।
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में पूर्व छात्र उमर खालिद की पुस्तक पर आयोजित परिचर्चा के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। यह तनाव एबीवीपी और छात्र संघ के बीच देखने को मिला। जेएनयू प्रशासन ने स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज-1 के सभागार में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति रद्द कर दी थी। इसके बावजूद परिचर्चा का आयोजन किया गया।
बाद में शाम के समय स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के बाहर पुस्तक पर चर्चा हुई। उमर खालिद की पुस्तक का नाम ‘फ्रैक्चरड कम्युनिटीजः आदिवासी हिस्ट्री एंड द पॉलिटिक्स ऑफ पावर’ है। जेएनयू परिसर में इससे पहले भी ‘उमर खालिद को रिहा करो’ के नारे लगाए जाते रहे हैं।
जेएनयू छात्र संघ सार्वजनिक रूप से कई बार उमर खालिद की रिहाई की मांग कर चुका है। वहीं, एबीवीपी की ओर से ‘छात्र संघ की कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाए गए। इस घटनाक्रम से विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संगठनों के बीच जारी वैचारिक मतभेद सामने आए। प्रशासन की अनुमति रद्द होने के बावजूद परिचर्चा आयोजित किए जाने से परिसर का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
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