राजद को बड़ा झटका, वरिष्ठ प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने सभी पदों से दिया इस्तीफा

HIGHLIGHTS
- राजद के वरिष्ठ प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से उनकी बातों और शिकायतों को नेतृत्व ने नजरअंदाज किया।
- मृत्युंजय तिवारी ने तेजस्वी यादव तक अपनी समस्याएं पहुंचाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि लगातार उपेक्षा के कारण सम्मान के साथ काम करना मुश्किल हो गया था।
- पूर्व राजद मीडिया प्रभारी ने पार्टी के अंदरूनी हालात पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के प्रभाव के कारण वास्तविक कार्यकर्ताओं की आवाज नेतृत्व तक नहीं पहुंच पा रही है।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के विदेश दौरे के बीच पार्टी को बड़ा झटका लगा है। राजद के वरिष्ठ प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने गुरुवार शाम पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वह अपनी समस्याएं और सुझाव पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी बातों को लगातार नजरअंदाज किया गया।
मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सौंपा। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में उनके लिए पार्टी में सम्मान के साथ काम करना संभव नहीं रह गया था।
तेजस्वी यादव तक पहुंचाई थी अपनी बात
इस्तीफे के बाद मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि उन्होंने कई बार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत कर अपनी चिंताएं साझा कीं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव तक भी अपनी शिकायतें पहुंचाई थीं, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि कोई भी कार्यकर्ता लगातार उपेक्षा और अपमान महसूस करते हुए राजनीति में सक्रिय नहीं रह सकता। तिवारी ने दावा किया कि उन्होंने पार्टी के मुश्किल दौर में भी पूरी निष्ठा के साथ संगठन के लिए काम किया और हर परिस्थिति में राजद का साथ निभाया।
पार्टी नेतृत्व तक कार्यकर्ताओं की आवाज नहीं पहुंचने का आरोप
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि साल 2014 में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने उन्हें मीडिया प्रभारी और पार्टी प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में पार्टी के अंदर कुछ ऐसे लोग प्रभावी हो गए हैं, जिनकी वजह से जमीनी और समर्पित कार्यकर्ताओं की आवाज नेतृत्व तक नहीं पहुंच पा रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में संगठन को मजबूत करना मुश्किल हो रहा है। हालांकि, उनके इस्तीफे पर अभी तक राजद नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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