'ईद पर काले कपड़े न पहनें, न करें विरोध प्रदर्शन', मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की अपील

नई दिल्ली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा है कि ईद का दिन खुशी और उत्सव का दिन है, यह दुख मनाने या प्रदर्शन करने का मौका नहीं है। रमजान के पूरे महीने की इबादत के बाद मुसलमानों को इस दिन एक-दूसरे को मुबारकबाद देने और खुशी मनाने का अवसर मिलता है।
आजम खां के पैगाम पर मौलाना की प्रतिक्रिया
मौलाना रजवी ने समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खां के संदेश पर कहा कि किसी राजनीतिक व्यक्ति के कहने पर मुसलमानों को ग़लत रास्ते पर नहीं जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के मद्देनजर काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करना या हाथों में काली पट्टियां बांधना उचित नहीं है। ईद जैसे खुशी के दिन को किसी के बहकावे में बदलना सही नहीं है।
मौलाना ने बताया कि आजम खां वर्तमान में जेल में हैं और मुरादाबाद के सपा नेता यूसुफ मलिक उनसे मिलने गए थे। जेल में आजम खां ने कहा कि बाहर जाकर मीडिया के माध्यम से मुसलमानों तक संदेश पहुंचाया जाए। इस पर मौलाना रजवी ने कहा कि मुसलमानों को किसी भी राजनीतिक संदेश के प्रभाव में नहीं आना चाहिए और ईद को इबादत के लिए सुरक्षित रखना चाहिए।
सड़क पर नमाज अदा न करें
मौलाना रजवी ने लोगों से अपील की कि ईद के दिन सड़क पर नमाज न पढ़ें। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग, बच्चे और जवान सभी ईद की नमाज में हिस्सा लेते हैं, जिससे मस्जिदों में भीड़ बढ़ जाती है। शहरों में मस्जिदें छोटी होने के कारण लोगों को मजबूरन सड़क और गलियों में नमाज पढ़नी पड़ती है।
इस स्थिति में शरीयत ने व्यवस्था बनाई है कि इमाम को बदल-बदल कर एक से अधिक जमात आयोजित की जा सकती है। यदि किसी मस्जिद में नमाजियों की संख्या अधिक हो, तो इमाम दूसरी जमात का ऐलान कर सकते हैं, ताकि सभी लोगों की नमाज आराम से पूरी हो सके।
मौलाना रजवी ने देशवासियों को ईद की मुबारकबाद दी और कहा कि नमाज का व्यवस्थित आयोजन करें और सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन अवश्य करें।
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