हिमाचल में मानसून का कहर, 266 लोगों की मौत और 1,235 करोड़ से ज्यादा का नुकसान

HIGHLIGHTS
- 30 जून से 3 सितंबर तक 266 लोगों की मौत दर्ज हुई।
- प्राकृतिक आपदाओं में 108 लोगों की जान गई।
- सड़क हादसों में 158 मौतें दर्ज की गईं।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन-2026 के दौरान बारिश और उससे जुड़ी आपदाओं ने बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया है। राज्य सरकार के राजस्व विभाग और स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की ओर से जारी संचयी रिपोर्ट के मुताबिक 30 जून से 3 सितंबर 2026 तक प्रदेश में कुल 266 लोगों की मौत हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, इनमें 108 मौतें प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुईं, जबकि 158 लोगों की जान सड़क हादसों में गई। प्राकृतिक आपदाओं में हुई 108 मौतों में सबसे अधिक 36 लोगों की मौत पेड़ या खड़ी चट्टान से गिरने की घटनाओं में दर्ज की गई है। इसके अलावा भूस्खलन से 18, डूबने से 13 और बिजली गिरने से जुड़ी घटनाओं में भी लोगों की जान गई है।
जिलावार आंकड़ों के अनुसार लाहौल-स्पीति में भूस्खलन के कारण 13 मौतें दर्ज हुई हैं। शिमला में आपदा से 16, कांगड़ा में 17, सिरमौर में 14 और चंबा में 13 लोगों की मौत हुई है।
सड़क हादसे भी बने मौत की बड़ी वजह
मानसून के दौरान सड़क दुर्घटनाओं ने भी जानमाल को भारी नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट में सड़क हादसों में प्रदेश में 158 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
जिला स्तर पर सिरमौर में 20, शिमला में 19, चंबा, कांगड़ा और ऊना में 18-18 तथा कुल्लू में 16 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है।
1,235 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक मानसून सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश को कुल 1,23,544.83 लाख रुपये यानी करीब 1,235.45 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को हुई क्षति शामिल है।
रिपोर्ट के अनुसार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से संबंधित नुकसान 94,690.47 लाख रुपये दर्ज किया गया है, जबकि जल शक्ति विभाग से जुड़े नुकसान का आंकड़ा 25,861.24 लाख रुपये रहा है।
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