हिमाचल में मानसून का असर जारी, 85 सड़कें बंद और 59 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित

HIGHLIGHTS
- कुल्लू में 22 सड़कें अवरुद्ध होने की जानकारी है।
- सिरमौर में 13 सड़कें बारिश से प्रभावित हैं।
- कांगड़ा और किन्नौर में सात-सात सड़कें बंद हैं।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश का असर अभी भी बना हुआ है। लगातार जारी बारिश के चलते सोमवार सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में सड़क, बिजली और पेयजल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 7 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में कुल 85 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 59 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) बाधित हैं, जबकि छह पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
बारिश का सबसे अधिक असर मंडी जिले में देखने को मिल रहा है। यहां कुल 36 सड़कें बंद हैं। इनमें सेराज की 30, सुंदरनगर की एक, सरकाघाट की तीन और थलौट की दो सड़कें शामिल हैं। जिले में 40 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हैं। अकेले जोगिंद्रनगर में 35 ट्रांसफार्मर बाधित बताए गए हैं।
कुल्लू में 22 सड़कें बंद हैं। जिला रिपोर्ट के अनुसार कुल्लू उपमंडल में चार, बंजार में दो, आनी में 12 और निरमंड में चार सड़कें अवरुद्ध हैं। निरमंड क्षेत्र में 10 बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं।
कांगड़ा में बारिश के कारण सात सड़कें बंद हैं। इनमें कांगड़ा उपमंडल की एक, शाहपुर की चार, पालमपुर की एक और देहरा की एक सड़क शामिल है। किन्नौर में सात सड़कें बंद हैं, जबकि कलपा क्षेत्र में सात बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं। रिपोर्ट में पुरवानी, काशंग इंटेक साइट और तेलंगी को प्रभावित क्षेत्र बताया गया है।
सिरमौर में 13 सड़कें बंद हैं। इनमें नाहन की पांच, राजगढ़ की दो और संगड़ाह की छह सड़कें शामिल हैं। शिमला में रामपुर और सुन्नी उपमंडल की एक-एक, यानी कुल दो सड़कें बंद हैं। यहां दो ट्रांसफार्मर और पांच पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
चंबा में एक पेयजल योजना बाधित है। वहीं, लाहौल-स्पीति के उदयपुर में एक सड़क बंद है। सोलन के कसौली उपमंडल में एक और ऊना में तीन सड़कें बंद हैं।
मानसून में अब तक 438 लोगों की मौत
राज्य सरकार के संचयी नुकसान के आंकड़ों के अनुसार, 30 जून से 6 सितंबर 2026 तक मानसून अवधि में आपदा के कारण 110 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें भूस्खलन, बाढ़, डूबने, बिजली गिरने, करंट लगने, पेड़ या चट्टान से गिरने सहित अन्य कारण शामिल हैं। इसके अलावा सड़क हादसों में 164 लोगों की मौत हुई है।
राज्य में मानसून के दौरान अब तक कुल 1,24,273.23 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में निजी और सार्वजनिक संपत्ति, सड़क, बिजली, पेयजल सहित अलग-अलग क्षेत्रों में हुए नुकसान का विवरण दिया गया है।
फिलहाल बारिश से प्रभावित सड़कों और अन्य जरूरी सेवाओं को दोबारा बहाल करना चुनौती बना हुआ है। सुबह 10 बजे की स्थिति के अनुसार सबसे अधिक सड़कें प्रभावित होने वाले जिलों में मंडी और कुल्लू आगे हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.