नेपाल बाढ़: सुरंग में घुसा सैलाब, बाल-बाल बचे 23 मजदूर; घर लौटते वक्त 19 घायल

HIGHLIGHTS
- बर्दिया के 23 मजदूर पांच दिन बाद अपने घर लौटे।
- सभी मजदूर अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर परियोजना में काम कर रहे थे।
- बाढ़ की सूचना वॉकी-टॉकी के जरिए मजदूरों तक पहुंची थी।
काठमांडू। नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के पांच दिन बाद रविवार को बर्दिया के 23 मजदूर अपने घर लौट गए। ये सभी मजदूर अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर परियोजना में काम कर रहे थे।
मौत के मुंह से बचकर लौटे इन मजदूरों और उनके परिवारों के लिए यह वापसी किसी चमत्कार से कम नहीं है। हालांकि, घर लौटते समय रास्ते में हुई बस दुर्घटना में इनमें से 19 मजदूर घायल भी हो गए।
सुरंग में घुसा पानी, वॉकी-टॉकी पर मिली चेतावनी
काठमांडू पोस्ट के अनुसार, बारबर्दिया नगरपालिका के 38 वर्षीय कृष्ण प्रसाद चौधरी ने बाढ़ के भयावह मंजर को याद करते हुए बताया कि बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे वह अपने साथियों के साथ सुरंग की सफाई कर रहे थे। तभी बाहर मौजूद एक कर्मचारी ने वॉकी-टॉकी के जरिए टीम लीडर को बाढ़ आने की सूचना दी।
इसके बाद मजदूरों को तुरंत कंपनी की गाड़ी से बाहर निकाला गया। कृष्ण ने बताया कि जैसे ही वे बाहर निकले, बाढ़ का पानी तेजी से सुरंग के अंदर भरने लगा। जान बचाने के लिए वे पहाड़ी की ढलान पर घास-फूस पकड़कर ऊपर की ओर भागे।
कीचड़ में फंसे गमबूट्स
दूसरे मजदूर 46 वर्षीय जगत राम चौधरी के लिए बाढ़ बिना किसी पूर्व चेतावनी के आई। वह सुरंग के अंदर काम कर रहे थे, तभी हवा के तेज झोंके के साथ मलबे और कीचड़ से भरा पानी सुरंग में घुस आया।
उनके गमबूट्स कीचड़ से भर गए थे, लेकिन उन्होंने किसी तरह जूते उतारे और ऊपर बने एक संकरे रास्ते से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। हालांकि, उनके साथ काम करने वाला सिराहा का एक साथी सुरंग से बाहर नहीं आ सका।
कैंप तबाह, घर लौटते समय सड़क हादसा
टनल के बाहर काम कर रहे राज कुमार चौधरी को एक साथी के फोन से चेतावनी मिली, जिसके बाद वह सुरक्षित पहाड़ी की ओर भाग सके। हालांकि, कर्मचारियों का पूरा आवासीय कैंप मलबे में तब्दील हो गया।
इस त्रासदी से बचने के बाद जब ये 23 मजदूर बस से अपने घर लौट रहे थे, तभी नवलपुर में उनकी बस एक ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में 19 मजदूर घायल हो गए।
मजदूरों के परिजनों ने राहत की सांस ली है, लेकिन उनका कहना है कि आसपास के गांवों के कई लोग अब भी लापता हैं।
उन्होंने नेपाल सरकार से खोज और बचाव अभियान तेज करने और सुरंगों में फंसे अन्य वर्करों को जल्द से जल्द बाहर निकालने की अपील की है।
भोटेकोशी बाढ़ के बाद बर्दिया के 78 लोगों से अभी भी कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.