'प्रधान के इस्तीफे के बिना कोई चर्चा नहीं': कांग्रेस की सरकार को दो टूक

HIGHLIGHTS
- NEET पेपर लीक मामले पर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी।
- कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ही चर्चा की मांग की।
- जयराम रमेश ने NEET मामले की तुलना व्यापमं घोटाले से करते हुए सरकार पर निशाना साधा।
नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध और बढ़ गया है। कांग्रेस ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने रहेंगे, तब तक संसद में NEET मामले पर चर्चा का कोई मतलब नहीं होगा।
कांग्रेस ने देशभर में छात्रों और लोगों की भावनाओं का हवाला देते हुए शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में मांग रखी कि NEET मामले पर चर्चा शुरू होने से पहले शिक्षा मंत्री को अपने पद से हट जाना चाहिए।
इस बीच सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस के कई अन्य सांसदों ने संसद परिसर में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
व्यापमं और NEET मामले को लेकर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने साल 2015 के मानसून सत्र में हुए व्यापमं घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय इस मामले को लेकर पूरा सत्र प्रभावित हुआ था।
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि व्यापमं घोटाले के दौरान जिस मुख्यमंत्री को बचाया गया था, उन्हें बाद में दो महत्वपूर्ण केंद्रीय मंत्रालय दिए गए।
उन्होंने कहा कि समय बदलने के बावजूद स्थिति में बदलाव नहीं आया है। जयराम रमेश ने व्यापमं परीक्षा और भर्ती घोटाले की तुलना NEET पेपर लीक मामले से करते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है।
मामले से जुड़ी पांच बड़ी बातें
- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विपक्ष अड़ा: कांग्रेस ने NEET मामले पर संसद में चर्चा के लिए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को पहली शर्त बताया है।
- संसद परिसर में प्रदर्शन: सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे सहित कांग्रेस के कई नेताओं ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
- व्यापमं से तुलना: जयराम रमेश ने 2015 के व्यापमं घोटाले और NEET पेपर लीक मामले में समानता बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए।
- सरकार के आरोपों का जवाब: सरकार विपक्ष पर चर्चा से बचने और संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगा रही है।
- संसदीय चर्चा पर असमंजस: विपक्ष का कहना है कि शिक्षा मंत्री के पद पर रहते हुए चर्चा का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकलेगा।
बिना इस्तीफे के चर्चा को लेकर विवाद
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि शिक्षा मंत्री के पद पर बने रहने तक NEET मामले पर चर्चा का कोई औचित्य नहीं है।
वहीं, सरकार का आरोप है कि विपक्ष चर्चा के लिए शर्तें रखकर संसद में गतिरोध पैदा कर रहा है। सरकार का कहना है कि कांग्रेस छात्रों और देशहित से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करने के बजाय इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है।
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