सुनेत्रा पवार की शपथ के बाद फडणवीस का बयान, पार्थ पवार पर कोई आपत्ति नहीं

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही हलचल के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया है कि पार्थ पवार को लेकर सरकार या सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने यह भी दोहराया कि एनसीपी से जुड़े फैसले पार्टी का आंतरिक विषय हैं और सरकार इसमें हस्तक्षेप नहीं करती।
मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए फडणवीस ने कहा कि यदि एनसीपी में किसी तरह की राजनीतिक समझ या विलय से जुड़ी कोई बातचीत होती, तो इसकी जानकारी उन्हें अजित पवार स्वयं देते। उन्होंने कहा, “एनसीपी अपने निर्णय खुद लेती है, सरकार इसमें दखल नहीं देती।”
सुनेत्रा पवार बनीं राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री
शनिवार को सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और इस पद पर पहुंचने वाली राज्य की पहली महिला नेता बन गईं। यह पद 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार के निधन के बाद खाली हुआ था।
मुंबई स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई वरिष्ठ मंत्री और एनसीपी के नेता मौजूद रहे।
विधायक दल की नेता चुने जाने के बाद मिली जिम्मेदारी
शपथ ग्रहण से पहले सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता चुना गया था। इसके बाद पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनके नाम पर औपचारिक समर्थन जताया, जिसके बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सामाजिक और पर्यावरणीय अभियानों में भी सक्रिय
सुनेत्रा पवार राजनीति के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर भी सक्रिय रही हैं। वह वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं और वर्ष 2010 में उन्होंने एनवायरनमेंटल फोरम ऑफ इंडिया (EFOI) की स्थापना की थी।
उनके नेतृत्व में जल संरक्षण, जैव विविधता सुरक्षा, सूखा प्रबंधन और संकटग्रस्त प्रजातियों की रक्षा से जुड़े कई अभियान चलाए गए हैं, जिनकी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनी है।

























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