'56 नहीं, 28 साल के युवा बढ़ा रहे देश का मान', संसद सत्र से पहले पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तंज

HIGHLIGHTS
- संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने मीडिया को संबोधित कर देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए सकारात्मक और उत्पादक सत्र की उम्मीद जताई।
- पीएम मोदी ने युवाओं की उपलब्धियों, भारत की आर्थिक मजबूती और अंतरिक्ष क्षेत्र में मिली सफलताओं का जिक्र किया।
- प्रधानमंत्री ने संसद में हंगामे की जगह तथ्यों और तर्कों के आधार पर सार्थक चर्चा की जरूरत बताई।
संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद पहुंचे और मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि मानसून और संसद का मानसून सत्र, दोनों ही सक्रिय रहें तो यह काफी फलदायी साबित होते हैं। इससे देश का कल्याण और सभी जीवों की भलाई होती है। उन्होंने प्रार्थना की कि यह मानसून और मानसून सत्र देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए उत्पादक साबित हों।
राहुल गांधी पर पीएम मोदी का तंज
प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नई शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि ‘स्काईरूट’ स्टार्टअप की पूरी टीम की औसत उम्र सिर्फ 28 साल है और इन युवाओं ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वह किसी 56 साल के युवक की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि देश के उन युवा उद्यमियों की बात कर रहे हैं, जिनकी औसत आयु 28 वर्ष है। उन्होंने कहा कि ऐसे युवा बधाई के पात्र हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक महीने में देश ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जिससे हर भारतीय गर्व महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल मानसून सत्र से पहले एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे थे और हाल ही में एक भारतीय युवा स्टार्टअप ने अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था
प्रधानमंत्री ने दुनिया की मौजूदा परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि कई हिस्सों में युद्ध का खतरा बना हुआ है। पश्चिम एशिया के संघर्ष ने भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के सामने चुनौतियां खड़ी की हैं। इसके कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, उर्वरक और रसायनों को लेकर परेशानियां सामने आईं।
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा। यह भारत की आंतरिक ताकत को दर्शाता है।
‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ और नए प्रोजेक्ट्स का जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि देश के ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर आगे बढ़ने की वजह से ही युवा नए प्रयास करने का साहस दिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में राजस्थान में एक बड़ी तेल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई है।
उन्होंने कहा कि कुछ सप्ताह पहले देश में तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट और ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत हुई। भारत की हाइड्रोजन ट्रेन में सबसे शक्तिशाली इंजन है और यह अपनी श्रेणी की सबसे लंबी ट्रेन है। उन्होंने इसे वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, उद्यमियों और श्रमिकों की मेहनत का परिणाम बताया।
संसद में तथ्य और तर्क के आधार पर हो चर्चा
संसद की कार्यवाही को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां तथ्य और तर्क होते हैं, वहां हंगामे की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा कि देश के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सकारात्मक सोच जरूरी है।
पीएम मोदी ने कहा कि संसद में सभी दलों के पास अनुभवी सांसद हैं और देश को उनके अनुभव व ज्ञान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संसद का सुचारू संचालन, सार्थक चर्चा और देश को आगे ले जाने का सामूहिक संकल्प आज की जरूरत है।
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