पनामा में फिर आया 6.1 तीव्रता का भूकंप, 7.7 के झटके के बाद अब तक 147 आफ्टरशॉक

HIGHLIGHTS
- पनामा में मंगलवार सुबह 6.1 तीव्रता का भूकंप आया।
- शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद 147 झटके दर्ज किए गए थे।
- घरों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और सड़कों को नुकसान पहुंचा था।
पनामा में मंगलवार, 13 अक्टूबर की सुबह एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 6.1 दर्ज की गई। भारतीय समय के मुताबिक, यह सुबह 4 बजकर 50 मिनट 37 सेकंड पर आया। भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था। फिलहाल इस ताजा झटके से हुए नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।
पहले आए भूकंप के बाद 147 झटके
पनामा में इससे पहले शुक्रवार रात 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद भी धरती कई बार हिली। आपातकालीन संचालन केंद्र के निदेशक रेने गार्सिया ने समाचार एजेंसी सीएनएन को बताया कि मुख्य भूकंप के बाद 147 झटके दर्ज किए गए थे। इनमें कुछ झटकों की तीव्रता 6.1 से 6.6 तक रही थी।
घरों, स्कूलों और सड़कों को पहुंचा नुकसान
शुक्रवार को आए भूकंप की शुरुआती तीव्रता 7.7 बताई गई थी। इसका केंद्र लॉस सैंटोस प्रांत में टोनोसी से लगभग 39 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था।
भूकंप के कारण कई क्षेत्रों में घरों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, सड़कों और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा था।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोग मामूली रूप से घायल हुए थे। उस समय तक किसी की मौत या लापता होने की सूचना नहीं थी।
सार्वजनिक परिवहन और हवाई सेवाएं हुईं प्रभावित
भूकंप के बाद पनामा में सार्वजनिक परिवहन और विमान सेवाओं पर भी असर पड़ा था। एहतियात के तौर पर देश की दोनों मेट्रो लाइनों का संचालन रोक दिया गया था। मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। हालांकि, बाद में हवाई अड्डे पर परिचालन दोबारा शुरू कर दिया गया।
कोक्ले प्रांत में सबसे ज्यादा नुकसान
भूकंप से सबसे अधिक नुकसान दक्षिणी तट पर स्थित कोक्ले प्रांत में हुआ था। राजधानी पनामा सिटी में भी कुछ जगहों पर नुकसान की खबरें सामने आई थीं।
राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने प्रभावित अस्पताल का दौरा भी किया था। इस अस्पताल में मरीजों को बाहर निकालकर खुले स्थान पर इलाज दिया गया था।
इस बीच, अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने शुरुआत में कुछ तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की आशंका जताई थी। हालांकि, बाद में उसने स्पष्ट किया कि अब सुनामी का खतरा नहीं है।
पनामा सरकार ने घोषित किया था आपातकाल
भूकंप प्रभावित लोगों की सहायता और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए पनामा सरकार ने शनिवार को आपातकाल घोषित किया था। राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री जुआन कार्लोस ओरिलैक ने कहा था कि इस फैसले से सरकारी एजेंसियां तैयार रहेंगी और प्रभावित समुदायों की सहायता के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
राष्ट्रपति जोस राउल ने राहत कार्यों में समन्वय, संसाधनों के प्रबंधन और प्रभावित लोगों की जरूरतें पूरी करने के लिए एक आयोग गठित करने का आदेश दिया था। सरकार ने दान एकत्र करने के लिए केंद्र भी स्थापित किए थे। इनमें पनामा सिटी का उमर पार्क शामिल था। इसके अलावा, प्रांतीय सरकारी कार्यालयों को भी दान जमा करने के केंद्र बनाया गया था।
भारत ने जताई संवेदना
भूकंप के बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को पनामा के प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा था, 'भूकंप के बाद भारत पनामा की सरकार और लोगों के साथ खड़ा है। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं, जो घायल हुए हैं या प्रभावित हुए हैं। खासकर उन परिवारों के साथ, जिन्हें नुकसान और मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।'
भारत के विदेश मंत्रालय ने भी पनामा की सरकार और वहां के लोगों के प्रति एकजुटता जताई थी। वहीं, पनामा में अमेरिकी दूतावास ने मध्य और दक्षिण अमेरिका के नौ देशों में संभावित भूकंपीय झटकों और सुनामी के खतरे को लेकर चेतावनी जारी की थी।
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