PM मोदी ने कारगिल के वीरों को किया नमन, बोले- 26 जुलाई गर्व और बलिदान का प्रतीक
By Hitesh — July 26, 2026

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन किया और वीर जवानों के साहस को याद किया।
- उन्होंने आईएनएस महेंद्रगिरि, डीआरडीओ की उपलब्धियों और आत्मनिर्भर भारत की रक्षा क्षमता का जिक्र किया।
- पीएम मोदी ने जल संरक्षण, खेल उपलब्धियों, स्थानीय उत्पादों और पर्यावरण संरक्षण पर भी लोगों से जुड़ने की अपील की।
Author: — Dainik Dehat
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 136वें एपिसोड के माध्यम से देश और विदेश के लोगों से संवाद किया। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने कारगिल विजय दिवस के उल्लेख के साथ की और देश के वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जीवन में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं, जिन्हें याद रखने के लिए कैलेंडर देखने की जरूरत नहीं पड़ती। 26 जुलाई भी ऐसी ही तारीख है, क्योंकि यह कारगिल विजय दिवस है। यह दिन देशवासियों को गर्व से भर देता है और भारतीय जवानों के अद्भुत साहस की याद दिलाता है।
उन्होंने कहा कि कारगिल की ऊंची चोटियों, कठिन मौसम और दुश्मन की चुनौतियों के बीच भी भारतीय सैनिकों का हौसला अडिग रहा। उन्होंने मां भारती की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। प्रधानमंत्री ने सभी वीर शहीदों और सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
विशेष शौर्य विजय यात्रा का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत अपने वीरों को केवल याद नहीं करता, बल्कि नई पीढ़ी तक उनकी वीर गाथाएं भी पहुंचाता है। इसी भावना के साथ इस वर्ष विशेष शौर्य विजय यात्रा शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल से शुरू हुई मोटरसाइकिल यात्रा द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल तक पहुंचेगी। इस यात्रा का संदेश ‘वन राइड, वन नेशन, वन सैल्यूट’ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए दिया गया बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
आईएनएस महेंद्रगिरि और डीआरडीओ की उपलब्धियों का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपने सैनिकों के साहस के साथ-साथ तकनीकी क्षमता को भी लगातार मजबूत कर रहा है। उन्होंने भारतीय नौसेना में शामिल किए गए आईएनएस महेंद्रगिरि का जिक्र करते हुए कहा कि यह आधुनिक युद्धपोत भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस युद्धपोत में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने डीआरडीओ की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण किया है। इसके अलावा कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण का भी उल्लेख किया।
भारत लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात और मित्र देशों के साथ राजनीतिक सहयोग के क्षेत्र में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इंडोनेशिया में ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों को लेकर हुए समझौते का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि दुनिया का भरोसा भारतीय रक्षा उपकरणों और तकनीक पर बढ़ रहा है। कारगिल विजय दिवस पर उन्होंने देशवासियों से सुरक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प मजबूत करने की अपील की।
‘कैच द रेन’ अभियान पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई से देशभर में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत बारिश के पानी का संरक्षण, भूजल रिचार्ज, पुराने जल स्रोतों का पुनर्जीवन और वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गांवों, शहरों, पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी से यह अभियान आगे बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास किसी एक तालाब, कुएं या बावड़ी की जिम्मेदारी लेने और पानी की हर बूंद बचाने की अपील की।
खेल उपलब्धियों की भी की चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने खेल क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश के खिलाड़ियों ने हाल के दिनों में शानदार प्रदर्शन किया है।
उन्होंने पीवी सिंधु के जापान ओपन बैडमिंटन खिताब जीतने, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लॉर्ड्स में पहली टेस्ट जीत और अन्य खेल उपलब्धियों का उल्लेख किया।
उन्होंने केरल के एर्नाकुलम में संस्कृत क्लब ‘अक्षरकंदुक’ की पहल की भी जानकारी दी, जहां संस्कृत को फुटबॉल से जुड़े शब्दों के माध्यम से आसान तरीके से सिखाया जा रहा है।
अंतरिक्ष और ओलंपियाड में युवाओं की सफलता पर बोले पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने विक्रम-1 रॉकेट के सफल लॉन्च को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह निजी क्षेत्र द्वारा विकसित भारत का पहला रॉकेट है और युवा इनोवेटर्स ने अपनी क्षमता साबित की है।
उन्होंने बताया कि फिजिक्स ओलंपियाड में भारत के सभी पांच छात्रों ने गोल्ड मेडल जीते और देश ने पहली रैंक हासिल की। वहीं केमिस्ट्री और बायोलॉजी ओलंपियाड में भी छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। गणित ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने दो स्वर्ण और चार रजत पदक हासिल किए।
स्थानीय उत्पादों और पर्यावरण संरक्षण पर भी दिया संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर की पारंपरिक चटाई ‘वगू’ को लेकर किए जा रहे प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि श्रीनगर के गुलाम हुसैन और उनकी बेटी तंजीला इस कला को नया जीवन देने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के लखीवाला गांव में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार की गई ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ की भी सराहना की।
पीएम मोदी ने बिहार के सीतामढ़ी में ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां सिंगल यूज प्लास्टिक को रिसाइकिल कर बेंच तैयार की जा रही हैं। एक बेंच बनाने में करीब 40 किलो प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है।
हथकरघा और पारंपरिक वाद्ययंत्रों को बढ़ावा देने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि हथकरघे से बना हर परिधान किसी क्षेत्र, समुदाय और उससे जुड़े लोगों की कहानी बताता है। उन्होंने लोगों से हस्तकला को बढ़ावा देने और बुनकरों का सम्मान करने की अपील की।
उन्होंने त्रिपुरा के आदिवासी समुदायों में लोकप्रिय बांस से बने वाद्ययंत्र ‘चौंगप्रांग’ का भी उल्लेख किया। पीएम मोदी ने बताया कि सूरज कुमार देबबर्मा इसके संरक्षण और लोकप्रियता बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय परंपराओं, प्रतिभाओं और प्रयासों को आगे बढ़ाकर भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत बना रहा है।
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