पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा जिम्मेदारी: शिक्षा मंत्रालय की कमान मिलने पर बोले प्रह्लाद जोशी

HIGHLIGHTS
- प्रह्लाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की।
- जोशी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में धर्मेंद्र प्रधान का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी-अभी इस नई जिम्मेदारी की जानकारी मिली है और वह इसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएंगे। उन्होंने इस अवसर के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मोदी का किया धन्यवाद
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर एक नई जिम्मेदारी का भरोसा जताया है। उन्होंने कहा, "मुझे अभी-अभी इस नई जिम्मेदारी की जानकारी मिली है। मैं इसे पूरी ईमानदारी और लगन के साथ निभाने का प्रयास करूंगा। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करता हूं।"
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान मोदी सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं, जिनका असर देश के विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिला है।
धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना
प्रह्लाद जोशी ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बीते चार-पांच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और शिक्षा क्षेत्र में कई अहम पहल कीं।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम किए हैं और नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा है।
शिक्षा क्षेत्र में बेहतर काम करने का भरोसा
नए शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार आधुनिक और सुदृढ़ हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वह शिक्षा क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे।
इस्तीफे के बाद मिली नई जिम्मेदारी
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार उस समय सौंपा गया, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर किया, जिसके बाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई।
आंदोलन समाप्त होने के बाद संभाला कार्यभार
इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार और CJP के बीच हुई बातचीत में सहमति बनने पर संगठन ने अपना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया। ऐसे में शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे प्रह्लाद जोशी के सामने अब शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर आगे काम करने की जिम्मेदारी होगी।
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