पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में अभिषेक सिंह पर जांच तेज, NIA को मिला नया इनपुट

HIGHLIGHTS
- पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह एक अनजान वीडियो कॉल के जरिए संदिग्ध नेटवर्क के संपर्क में आया था।
- करीब एक महीने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से एक महिला ने उससे संपर्क किया था।
- महिला ने वीडियो कॉल के जरिए अभिषेक से बातचीत शुरू की थी।
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के मोतिहारी निवासी 31 वर्षीय अभिषेक सिंह पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोपों के बीच जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है। मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को नया इनपुट मिलने की बात सामने आ रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभिषेक एक अनजान वीडियो कॉल के जरिए पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध जासूसी नेटवर्क के संपर्क में आया था।
बताया जा रहा है कि करीब एक महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए एक महिला ने अभिषेक से संपर्क किया था। इसके बाद महिला ने वीडियो कॉल के माध्यम से उससे बातचीत शुरू की। धीरे-धीरे दोनों के बीच लगातार संपर्क और बातचीत होने लगी। आरोप है कि इसी संपर्क के जरिए अभिषेक से ऐसे काम कराए जाने लगे, जिनका संबंध देश की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों से हो सकता है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि महिला और उसके संपर्क में मौजूद कुछ लोग पाकिस्तान के एक खुफिया ऑपरेटिव के लिए काम करते थे। आशंका जताई जा रही है कि महिला के माध्यम से अभिषेक से भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई।
जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि अभिषेक और उक्त महिला के बीच पहली बार संपर्क कब और किस माध्यम से हुआ था। इसके साथ ही दोनों के बीच कितनी बार बातचीत हुई, उनके बीच क्या-क्या जानकारी साझा की गई और इस नेटवर्क में अभिषेक की भूमिका कितनी थी, इसकी भी जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि अभिषेक के पिता सुरेंद्र सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त जवान हैं। परिवार मूल रूप से पूर्वी चंपारण के राजपुर थाना क्षेत्र के सेवराह गांव का रहने वाला बताया गया है। हालांकि, सेवानिवृत्ति के बाद परिवार ने मुजफ्फरपुर के अहियापुर में जमीन खरीदकर अपना ठिकाना बना लिया था और वर्तमान में वहीं रहने की बात सामने आई है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.