जालंधर में LPU के छात्रों का प्रदर्शन उग्र, पुलिस और मीडिया वाहनों में तोड़फोड़

HIGHLIGHTS
- प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
- छात्रों ने लड़के-लड़कियों पर लाठियां बरसाने का आरोप लगाया।
- डीआईजी नवीन सिंगला और एसएसपी की गाड़ी को नुकसान पहुंचा।
पंजाब के जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में रविवार शाम छात्रों का प्रदर्शन एक बार फिर हिंसक टकराव में बदल गया। छात्रों और पुलिस के बीच बढ़े तनाव के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसके बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई। छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठियां चलाईं। मौके पर मौजूद छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लड़के और लड़कियों दोनों पर लाठियां बरसाईं।
डीआईजी नवीन सिंगला और एसएसपी की गाड़ी क्षतिग्रस्त
पुलिस कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में छात्र और उग्र हो गए और पुलिस के खिलाफ उनका आक्रोश सामने आया। इसी दौरान पुलिस वाहनों को निशाना बनाकर तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला और एसएसपी की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है।
इसके अलावा कई अन्य पुलिस वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। हालात बिगड़ने के बीच परिसर में कई वाहनों को आग लगाए जाने की सूचना है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए टकराव के दौरान मीडिया से जुड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन का लाठीचार्ज के बाद बदला माहौल
पूरे घटनाक्रम में यह सवाल उठ रहा है कि छात्रों का प्रदर्शन किस तरह उस स्थिति तक पहुंचा, जहां पुलिस और छात्र आमने-सामने आ गए। छात्रों का कहना है कि वे कथित दुष्कर्म की शिकायत, छात्राओं की सुरक्षा और विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका को लेकर जवाब मांग रहे थे।
छात्रों का आरोप है कि प्रदर्शन की शुरुआत शांतिपूर्ण तरीके से हुई थी, लेकिन पुलिस की कार्रवाई और लाठीचार्ज के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया। वहीं, पुलिस का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद परिसर में पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर कर दिया।
ट्रैफिक रोका, विश्वविद्यालय में तोड़फोड़
इससे पहले छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना देकर यातायात रोक दिया था। विश्वविद्यालय परिसर में भी बड़े स्तर पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं।
घटना के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया। पुलिस ने कथित दुष्कर्म के आरोप की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने विशेष जांच दल गठित किए जाने की जानकारी दी है।
इस जांच दल में फगवाड़ा के एसपी मेजर सिंह, डीएसपी पालविंदर सिंह, महिला पुलिस अधिकारी और छात्र प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
'आक्रोश खत्म नहीं होगा'
एलपीयू की ओर से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कई सूचनाओं को भ्रामक बताया गया है। विश्वविद्यालय ने लोगों से आधिकारिक माध्यमों के जरिए जानकारी लेने की अपील की है।
वहीं, छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, तब तक उनका आक्रोश खत्म नहीं होगा।
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