पाकिस्तान को सैन्य ठिकानों की जानकारी भेजने का आरोप, पंजाब में महिला गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- एसएसओसी फाजिल्का ने 8 अक्टूबर को मिली खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई की।
- एफआईआर में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 3 और 4 लगाई गई हैं।
- पुलिस के अनुसार, सूचनाएं मोबाइल फोन और टैबलेट के जरिए भेजी जाती थीं।
फरीदकोट। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी सेना को भारतीय सैन्य ठिकानों से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं भेजने के आरोप में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी), फाजिल्का ने फरीदकोट निवासी एक महिला को गिरफ्तार किया है। वहीं, इस मामले में सेना के दो जवानों को भी नामजद किया गया है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया है।
एफआईआर में सेना के दो जवानों के साथ फरीदकोट के हरिंद्रा नगर निवासी गुरनूर सिद्धू का नाम शामिल है। पुलिस का आरोप है कि तीनों ने कथित तौर पर एक गिरोह बनाया था, जिसके संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी सेना से थे। एफआईआर के मुताबिक, सेना के दोनों जवान सैन्य छावनियों से जुड़ी गोपनीय और महत्वपूर्ण सूचनाएं एकत्र करते थे।
ISI तक पहुंचाई जाती थीं गोपनीय सूचनाएं
पुलिस के मुताबिक, इन सूचनाओं को कथित महिला सहयोगी गुरनूर सिद्धू के माध्यम से मोबाइल फोन और टैबलेट के जरिए इंटरनेट की मदद से आईएसआई और पाकिस्तानी सेना तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस का कहना है कि इस कथित गतिविधि से देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचने की आशंका थी। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि किस तरह की सूचनाएं एकत्र की गईं, उन्हें किस माध्यम से भेजा गया और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
पुलिस ने महिला को किया गिरफ्तार
जानकारी के मुताबिक, 8 अक्टूबर को एसएसओसी फाजिल्का के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश कुमार पुलिस टीम के साथ खुफिया अभियान और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में निकले थे। टीम में सब-इंस्पेक्टर प्रशांत कंबोज सहित अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
पुलिस टीम जब फिरोजपुर जिले में गांव रुकना बेगू के पास सेम नाले के पुल पर पहुंची, तो शाम करीब 3:50 बजे एक मुखबिर ने सूचना दी कि गुरनूर सिद्धू फिरोजपुर के किला चौक से हुसैनीवाला बॉर्डर रोड पर रेलवे फाटक के पास निर्माणाधीन पुल के नजदीक घूम रही है।
मुखबिर ने आशंका जताई कि महिला के पास कथित तौर पर गोपनीय सूचनाएं भेजने में इस्तेमाल होने वाला टैबलेट और अन्य सामग्री हो सकती है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और महिला को गिरफ्तार कर लिया।
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