लाल किला ब्लास्ट: आरोपियों से एनआईए करेगी विदेशी कनेक्शन पर पूछताछ

दिल्ली के लाल किला के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार बम धमाके से जुड़े मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने पांच आरोपियों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में तीन दिन के लिए सौंप दिया है। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि धमाके की साजिश, फंडिंग, विदेशी हैंडलरों से संपर्क और तकनीकी मदद से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अभी तक मिलना बाकी हैं।
कोर्ट ने एनआईए की दलील मानते हुए डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद, जसिर बिलाल वानी (उर्फ दानिश), डॉ. अदील अहमद और डॉ. मुजम्मिल शकील को तीन दिन के लिए एजेंसी को सौंपा। इन सभी आरोपियों को 16 जनवरी 2026 को पुनः कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस मामले में डॉ. शाहीन सईद को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। एनआईए ने कहा कि जांच में धमाके की पूरी साजिश, फंडिंग के स्रोत, विदेशी संपर्क और तकनीकी सहायता से जुड़े कई पहलू अब भी स्पष्ट नहीं हुए हैं, इसलिए आरोपियों से गहन पूछताछ आवश्यक है।
इस धमाके में 13 लोग मारे गए थे और कई गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच के दौरान सामने आया कि फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उमर उन नबी इस साजिश में मुख्य भूमिका निभा रहे थे। धमाके के समय डॉ. उमर कार में मौजूद थे और उनकी मौत हो गई थी।
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