रोल्स-रॉयस की भारत में विस्तार की तैयारी, पीएम मोदी से सीईओ ने की मुलाकात

भारत की अर्थव्यवस्था इन दिनों रफ्तार के मामले में दुनिया में सबसे आगे है। वर्ल्ड बैंक और IMF जैसी वैश्विक एजेंसियां भी भारत की तेजी से बढ़ती आर्थिक ताकत को मान चुकी हैं। अब इस सफर में एक नया रोमांचक मोड़ आने वाला है। ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए लग्जरी और पावर कार निर्माता रोल्स-रॉयस ने भी देश में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का ऐलान किया है।
11 फरवरी को रोल्स-रॉयस के CEO तुफान एर्गिनबिल्गिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत में कंपनी के विस्तार, उत्पादन और इंजीनियरिंग क्षमताओं को मजबूत करने की योजनाओं पर चर्चा की। कंपनी ने कहा कि वे भारत में अपना सबसे बड़ा ग्लोबल सेंटर स्थापित करने और स्थानीय युवा प्रतिभाओं के साथ मिलकर काम करने की दिशा में सक्रिय हैं।
रोल्स-रॉयस का भारत में प्लान
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर लिखा, “रोल्स-रॉयस के CEO से मिलकर अच्छा लगा। हम भारत में काम बढ़ाने और युवाओं के साथ साझेदारी करने के उनके उत्साह का स्वागत करते हैं।” कंपनी की योजना है कि भारत में अपने निवेश और तकनीकी सहयोग के माध्यम से युवाओं को नए अवसर मिले और देश की विकास यात्रा तेज़ हो।
यह पहली बार नहीं है जब भारत और रोल्स-रॉयस के बीच सहयोग चर्चा में आया है। अक्टूबर में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान भी कंपनी ने व्यापार समझौते के तहत बातचीत में भाग लिया था। CEO एर्गिनबिल्गिक ने कहा, “भारत हमारी लंबी और सफल साझेदारी का अहम हिस्सा है। हम चाहते हैं कि भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में हमारी भागीदारी और मजबूत हो।”
AI और तकनीकी सहयोग पर जोर
रोल्स-रॉयस का यह कदम सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है। कंपनी विमानन, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता भारत में साझा करने की योजना बना रही है। साथ ही, वे देश में वर्ल्ड-क्लास AI सिस्टम विकसित करने और नई तकनीक को बढ़ावा देने के लिए भी तैयार हैं। CEO का कहना है कि यह सहयोग भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी शक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
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