FASTag के बाद अब OneTag, बैंक बदलने पर नहीं लेना होगा नया टैग

HIGHLIGHTS
- AI आधारित व्यवस्था में ANPR और FASTag को एक साथ जोड़ा जाएगा।
- FASTag के कारण टोल प्लाजा पर वाहनों के इंतजार का समय 80 से 90 प्रतिशत तक कम हुआ है।
- ‘OneTag’ से बिना नया FASTag लिए बैंक बदलने की सुविधा मिलेगी।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों को जल्द ही टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भारत डिजिटल और बैरियर-फ्री टोलिंग व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में बताया कि AI आधारित नई टोलिंग प्रणाली फरवरी-मार्च 2027 तक लागू होने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था शुरू होने के बाद वाहन बिना रुके टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे। इससे टोल संग्रह की प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है। सरकार का अनुमान है कि इसके चलते सालाना टोल राजस्व में करीब 10,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है।
गडकरी ने कहा कि AI और सीमलेस टोल प्रणाली के जरिए टोल प्लाजा पर वाहनों के रुकने की मौजूदा व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, भविष्य का राजमार्ग इंटेलिजेंट, बाधा-रहित और पूरी तरह कैशलेस होगा।
ANPR और FASTag को किया जाएगा एकीकृत
नई टोलिंग व्यवस्था में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान यानी ANPR और FASTag को एक साथ जोड़ा जाएगा। इसके जरिए टोल वसूली की प्रक्रिया स्वचालित होगी और टोल प्लाजा पर वाहनों के इंतजार का समय खत्म करने का लक्ष्य है।
FASTag से 80 से 90 प्रतिशत घटा वेटिंग टाइम
केंद्रीय मंत्री ने FASTag की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि FASTag की शुरुआत 2014 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हुई थी और 2021 में इसे अनिवार्य कर दिया गया। वर्तमान में देश के 98 प्रतिशत से ज्यादा वाहनों में FASTag का इस्तेमाल हो रहा है और अब तक 13 करोड़ से अधिक FASTag जारी किए जा चुके हैं।
FASTag के इस्तेमाल से टोल प्लाजा पर पहले लगने वाला 12 से 30 मिनट का प्रतीक्षा समय 80 से 90 प्रतिशत तक कम हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर FASTag का उपयोग अब 98 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है।
सरकार को उम्मीद है कि नई बाधा-मुक्त डिजिटल टोलिंग व्यवस्था से वाहन चालकों के समय की बचत होगी। साथ ही टोल संग्रह में पारदर्शिता बढ़ने से सालाना टोल राजस्व में करीब 10,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हो सकती है।
बैंक बदलने के लिए नया FASTag लेने की जरूरत नहीं
FASTag उपयोगकर्ताओं के लिए सरकार ने ‘OneTag’ सुविधा भी शुरू की है। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में नितिन गडकरी ने इस सुविधा को लॉन्च किया।
इसके तहत अगर कोई वाहन चालक अपने FASTag से जुड़े बैंक को बदलना चाहता है, तो उसे नया FASTag खरीदने की जरूरत नहीं होगी। पुराने टैग को वाहन से हटाए बिना ही FASTag को दूसरे बैंक में पोर्ट किया जा सकेगा।
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