डिफेंस प्रोजेक्ट्स में देरी पर राजनाथ सिंह चिंतित, बोले- बढ़ जाती है लागत

HIGHLIGHTS
- भारतीय वायुसेना को दो FOC LCA Mk1 ट्रेनर और तीन HTT-40 विमान मिले।
- पवन हंस लिमिटेड को चार ध्रुव NG नागरिक हेलीकॉप्टर सौंपे गए।
- HAL ने 2006 और 2010 में हुए समझौतों के तहत सभी 40 LCA Mk1 जेट्स की डिलीवरी पूरी की।
बेंगलुरु। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कॉम्प्लेक्स से एक ही मंच पर तीन स्वदेशी एविएशन प्लेटफॉर्म सौंपे जाने की सराहना की। इस दौरान उन्होंने स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं में होने वाली देरी को लेकर गंभीर चिंता भी जताई।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय वायुसेना को दो एफओसी एलसीए एमके1 ट्रेनर और तीन एचटीटी-40 ट्रेनर विमान सौंपे गए। वहीं, पवन हंस लिमिटेड को चार ध्रुव एनजी नागरिक हेलीकॉप्टर औपचारिक रूप से दिए गए।
परियोजनाओं में देरी से बढ़ती लागत पर चिंता
रक्षा मंत्री ने स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं में देरी पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे लागत में भारी वृद्धि होती है। साथ ही तकनीक के आउटडेटेड होने का जोखिम भी बढ़ जाता है। उन्होंने चल रही तकनीकी परियोजनाओं के लिए व्यावहारिक समयसीमा निर्धारित करने की बात कही।
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब वायुसेना द्वारा HAL को दिए गए 180 तेजस एमके1ए विमानों की डिलीवरी मिसाइल और रडार इंटीग्रेशन से जुड़ी समस्याओं के कारण अटकी हुई है।
इनमें 2021 में 83 जेट और 2025 में 97 फाइटर्स के लिए किए गए 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के सौदे शामिल हैं। इस देरी का सीधा असर वायुसेना की लड़ाकू क्षमता पर पड़ रहा है। स्वीकृत 42.5 स्क्वाड्रन के मुकाबले वर्तमान में केवल 29 स्क्वाड्रन ही सक्रिय रह गए हैं।
एक मंच से तीन स्वदेशी प्लेटफॉर्म की डिलीवरी
HAL की ओर से एक ही दिन में तीन अलग-अलग प्लेटफॉर्म की डिलीवरी को मील का पत्थर बताते हुए सीएमडी रवि के. ने कहा कि टेस्ट पायलट्स ने बेहद कठिन परिस्थितियों में इन प्लेटफॉर्म्स का परीक्षण किया और उन्हें सर्टिफिकेशन के योग्य बनाया।
एलसीए एमके1 ट्रेनर: शुक्रवार को दो एफओसी ट्रेनर एयरक्राफ्ट सौंपे जाने के साथ HAL ने दो चरणों, 2006 और 2010 में हस्ताक्षरित सभी 40 एलसीए एमके1 जेट्स की डिलीवरी पूरी कर ली है।
एचटीटी-40 अंकुर: रक्षा मंत्रालय के साथ हुए 70 विमानों के सौदे के तहत आधिकारिक तौर पर 'अंकुर' नाम दिए गए एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर की डिलीवरी भी शुरू हो गई है। यह वायुसेना के नए पायलटों के बुनियादी प्रशिक्षण की लंबे समय से प्रतीक्षित जरूरत थी।
ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर: पवन हंस को सौंपे गए चार ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर सैन्य उपयोग वाले एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर का नागरिक-प्रमाणित संस्करण हैं।
नई तकनीक विकसित करने का वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से आह्वान
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की मौजूदगी में राजनाथ सिंह ने युवा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डिजाइनरों, टेस्ट पायलट्स और तकनीशियनों से ऐसी तकनीकें विकसित करने की चुनौती स्वीकार करने का आह्वान किया, जो वर्तमान में मौजूद नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले दशक में भारत को वैश्विक एयरोस्पेस तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी स्थान हासिल करना होगा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि एयरोस्पेस क्षेत्र का विकास केवल सैन्य जरूरतों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जाना चाहिए, जो नागरिक और सैन्य दोनों क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा कर सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि एयरोस्पेस सिस्टम के विकास में कोई अचानक चमत्कार नहीं होता, बल्कि यह एक क्रमिक प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा कि भारत कई वर्षों तक बुनियादी प्रशिक्षण के लिए आयातित विमानों पर निर्भर रहा, लेकिन अब एचटीटी-40 स्वदेशी स्तर पर तैयार हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी एचटीटी-40 की अच्छी मांग होगी और यह विमान भारत के रक्षा निर्यात को मजबूती देगा।
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