दिल्ली में राहुल गांधी की रैली से पहले कांग्रेस पर बरसे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, पूछे पांच सवाल

HIGHLIGHTS
- रिजिजू ने 2014 और 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार को लेकर सवाल उठाए।
- केंद्रीय मंत्री ने मतदाता सूची से फर्जी और दोहराए गए नाम हटाने के मुद्दे पर पार्टी से जवाब मांगा।
- उन्होंने पुराने वर्षों में हुए एसआईआर की वैधता पर भी कांग्रेस से सवाल किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। दरअसल, आगामी एक नवंबर यानी कल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक की दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली प्रस्तावित है।
इस रैली से पहले किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को पांच सवालों के जरिए घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए पार्टी से इन सवालों के जवाब देने की चुनौती दी। केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति, मतदाता सूची से नाम हटाने और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के सामने रखे पांच सवाल
रिजिजू ने सवाल किया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 44 सीटें ही क्यों मिलीं, जबकि उस समय चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल में हुई थी।
उन्होंने पूछा कि 2024 में जब ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे, तब कांग्रेस को लगातार तीसरी बार चुनाव में हार का सामना क्यों करना पड़ा?
केंद्रीय मंत्री ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस के मौजूदा मुख्यमंत्रियों को 2014 से 2026 के बीच बनी सरकारों से इस्तीफा देकर माफी मांगनी चाहिए?
मतदाता सूची के मुद्दे पर रिजिजू ने पूछा कि क्या अवैध प्रवासियों, मृत व्यक्तियों, दूसरी जगह जा चुके मतदाताओं और एक से अधिक बार दर्ज नामों को सूची से हटाया जाना चाहिए या नहीं?
अपने पांचवें सवाल में उन्होंने पूछा कि क्या 1952-56, 1958-61, 1965-66, 1983-84, 1987-88, 1993, 1995 और 2002-2004 के बीच कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अवैध थे?
रिजिजू ने आरोप लगाया कि एक परिवार की पार्टी बाहरी ताकतों के साथ मिलकर संविधान और भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारियों ने जताई चिंता
एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस की महारैली को लेकर व्यापारियों के बीच चिंता है। दिल्ली के व्यापारियों और उद्यमियों के प्रमुख संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, उद्धव ठाकरे और अन्य घटक दलों को पत्र भेजा है। संगठन ने नेताओं से रैली को दीपावली के बाद आयोजित करने की मांग की है।
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, व्यापारी रैली का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन एक नवंबर धनतेरस और दीपावली से पहले खरीदारी व तैयारियों के लिहाज से कारोबार का सबसे व्यस्त दिन है। उनका कहना है कि यदि इस दिन महारैली आयोजित की जाती है, तो दिल्ली के 20 ऐतिहासिक बाजारों में रोजाना होने वाला 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होकर ठप हो सकता है।
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