सत्य निकेतन हादसा: PG संचालक सुधांशु गिरफ्तार, लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज और महेश भी पकड़े गए

HIGHLIGHTS
- एमसीडी ने पास की क्षतिग्रस्त और डेंजरस मार्क वाली इमारत को गिराने का काम शुरू किया।
- हादसे के समय PG में आठ छात्र मौजूद थे।
- पांच छात्र दोस्तों और रिश्तेदारों के यहां गए हुए थे।
नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन में बीते रविवार हुए इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने PG संचालक सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मामले में PG संचालक सुधांशु की गिरफ्तारी हो चुकी है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद मामले से जुड़ी आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज और महेश भी गिरफ्तार
पुलिस ने सुधांशु के अलावा लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज और महेश को भी गिरफ्तार किया है। महेश, हरिराम गुप्ता का बेटा है। पुलिस ने जांच के सिलसिले में दोनों का मेडिकल टेस्ट कराया है, जबकि अन्य जांच की प्रक्रिया अभी बाकी है।
पुलिस के अनुसार, महेश ने हिरासत में बताया कि हादसे वाली इमारत को दो बिजनेस पार्टनर शुभम त्यागी और सुधांशु ने अगस्त 2025 में लीज पर लिया था। दोनों इस इमारत में 'हॉस्टल डेज' नाम से PG चला रहे थे।
वहीं, एमसीडी ने हादसे में क्षतिग्रस्त हुई बगल की इमारत को गिराने का काम शुरू कर दिया है। रविवार की घटना के बाद इस इमारत को नुकसान पहुंचा था और इसे डेंजरस मार्क किया गया था।
हादसे में सात लोगों की मौत
इमारत गिरने की घटना में पांच छात्रों समेत कुल सात लोगों की जान गई थी। इससे पहले पुलिस भवन मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को गिरफ्तार कर चुकी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि प्रॉपर्टी नंबर पी-13 उर्मिला के नाम पर रजिस्टर्ड थी। वहीं, बिजली का कनेक्शन हरिराम के नाम पर था, जबकि PG का मैनेजमेंट महेश संभालता था।
सत्य निकेतन में सुधांशु के चार और PG
जर्जर इमारत की मरम्मत कराने के बाद सुधांशु ने उसका रंगरोगन कराया और 'हॉस्टल डेज' के नाम से PG संचालित कर रहा था। फिलहाल इस इमारत के आठ कमरों में दिल्ली विश्वविद्यालय के 13 छात्र रह रहे थे।
हर कमरे में चार-चार बिस्तर लगाए गए थे। रविवार होने की वजह से हादसे के समय PG में केवल आठ छात्र मौजूद थे। पांच छात्र अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के यहां गए हुए थे। एक छात्र से PG मालिक 14-16 हजार रुपये किराए के तौर पर वसूलता था।
डीसीपी दक्षिण-पश्चिम जिला अमित गोयल के मुताबिक, सुधांशु के उसी इलाके में 'हॉस्टल डेज' के नाम से चार और PG होने की जानकारी मिली है। जर्जर इमारत में PG चलाने के लिए सुधांशु को भवन कितने रुपये में लीज पर दिया गया था, इसकी जांच की जा रही है।
एम्स में भर्ती चार मरीजों में दो डिस्चार्ज
इमारत गिरने के बाद एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती चार मरीजों में से दो को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। एक मरीज की हालत गंभीर है, जबकि दूसरे की स्थिति स्थिर बताई गई है।
एम्स के मीडिया सेल प्रमुख डॉ. (प्रो.) रीमा दादा ने सोमवार रात जानकारी दी कि आदित्य और नितीश चिब को इलाज के बाद सोमवार शाम अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
नीरज बावा को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में रखा गया है और उनकी हालत गंभीर है। वहीं, असगर अली की स्थिति स्थिर बनी हुई है।
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