सीजेपी का देशभर में प्रदर्शन का ऐलान, बातचीत के लिए रखीं दो शर्तें

HIGHLIGHTS
- सीजेपी ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया।
- संगठन ने सरकार से जंतर-मंतर या न्यूट्रल जगह पर बातचीत की मांग रखी।
- पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट वाले बयान पर सीजेपी ने जवाबदेही की मांग दोहराई।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। सीजेपी ने अपील की है कि छात्र संगठन हर जिले में एकत्र होकर छात्रों की मांगों को लोगों के सामने रखें और इसके लिए जरूरी अनुमति व व्यवस्था करें।
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने लोगों को संबोधित करते हुए दावा किया कि सरकार के प्रतिनिधियों ने जंतर-मंतर पहुंचकर बातचीत करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि मंत्री जितेंद्र सिंह अभी भी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर बातचीत के लिए बुलाने की बात कर रहे हैं। आशुतोष रांका ने लोगों से सवाल करते हुए पूछा कि क्या बातचीत के लिए वहां जाना चाहिए।
सीजेपी ने रखीं बातचीत के लिए दो शर्तें
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बातचीत को लेकर दो शर्तें रखीं। उन्होंने कहा कि पहली शर्त यह है कि बैठक जेपी नड्डा के घर पर नहीं होगी। बातचीत जंतर-मंतर या किसी अन्य न्यूट्रल स्थान पर होनी चाहिए।
उन्होंने दूसरी शर्त बताते हुए कहा कि सरकार को बातचीत में ठोस बात करनी होगी और यह स्पष्ट करना होगा कि छात्रों की मांगें कब तक पूरी की जाएंगी।
पीएम मोदी ने एक्स पर किया पोस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाने और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पीएम मोदी के बयान पर सीजेपी की प्रतिक्रिया
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने प्रधानमंत्री मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे ऐलान किसी काम के नहीं हैं। उन्होंने इसे लोगों को गुमराह करने की कोशिश बताया।
सौरव दास ने कहा कि सीजेपी जवाबदेही और जिम्मेदारी चाहती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से नीचे के किसी भी स्तर के व्यक्ति से बातचीत स्वीकार नहीं की जाएगी।
केजरीवाल ने भी साधा निशाना
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का क्या हुआ।
केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह बयान एक हारे हुए, दिशाहीन लेकिन अहंकारी व्यक्ति का बयान लगता है।
हिंसक भीड़ में फंसे पुलिस अधिकारी ने बताई आपबीती
एसीपी विवेक भगत ने जंतर-मंतर क्षेत्र में हुई घटना को लेकर अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि वह सेक्टर वन जोन वन में ड्यूटी पर तैनात थे, जिसमें मुख्य जंतर-मंतर क्षेत्र आता है।
उन्होंने बताया कि शाम की ड्यूटी के दौरान वह रीगल बिल्डिंग, कनॉट प्लेस से संसद मार्ग होते हुए टॉल्स्टॉय और संसद मार्ग की रेड लाइट की ओर जा रहे थे। उनके साथ कुछ पुलिसकर्मी, एसीपी प्रोबेशनर रोहित और ऑपरेटर नवनीत भी मौजूद थे।
एसीपी विवेक भगत के अनुसार, आगे बढ़ने पर उन्होंने देखा कि पुलिसकर्मियों पर पानी की बोतलें फेंकी जा रही थीं और पुलिस के खिलाफ नारे लगाए जा रहे थे। इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मी भीड़ से बचने के लिए आगे बढ़े, लेकिन एक पुलिसकर्मी को भीड़ ने पकड़ लिया।
उन्होंने बताया कि उस पुलिसकर्मी के सिर से खून निकल रहा था और उसका चेहरा खून से लथपथ था। उसे बचाने के लिए उन्होंने बीच-बचाव किया और कुछ दूरी तक ले आए, लेकिन भीड़ काफी बड़ी और हिंसक थी। उन्होंने कहा कि इस दौरान पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया।
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