दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, 400 यूनिट तक बिजली खपत वाले घरों में मुफ्त लगेगा 3KW सोलर प्लांट

HIGHLIGHTS
- दिल्ली कैबिनेट ने सौर ऊर्जा नीति में संशोधन को मंजूरी दे दी है।
- नई व्यवस्था पीएम सूर्य घर योजना में तेजी लाने के उद्देश्य से की गई है।
- पांच साल तक मिलने वाली प्रोत्साहन राशि इंस्टॉलेशन के समय ही अग्रिम दी जाएगी।
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सौर ऊर्जा नीति में बड़ा संशोधन किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि कैबिनेट ने नीति में किए गए बदलावों को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पीएम सूर्य घर योजना दिल्ली में अपेक्षित रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इसके कारणों की समीक्षा के बाद नीति में व्यावहारिक बदलाव किए गए हैं। अब दिल्ली में हर महीने 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं के घरों पर 3 किलोवाट क्षमता तक का सोलर प्लांट पूरी तरह मुफ्त लगाया जाएगा।
नीति में किए गए प्रमुख बदलाव
- इंसेंटिव का अग्रिम भुगतान: सोलर पैनल लगाने पर पांच साल तक मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान अब इंस्टॉलेशन के समय ही अग्रिम रूप से किया जाएगा।
- पांच साल तक मुफ्त रखरखाव: सोलर पैनल लगाने वाला वेंडर अगले पांच वर्षों तक उसका रखरखाव बिना किसी शुल्क के करेगा।
- आवेदन शुल्क खत्म: 10 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार का आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा।
अतिरिक्त बिजली से कमाई का मौका
उपभोक्ताओं को मिलने वाली मौजूदा बिजली सब्सिडी जारी रहेगी। इसके अलावा सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त बिजली को नेट मीटरिंग के जरिए बेचकर उपभोक्ता अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे।
मार्च 2027 तक 2.27 लाख सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य
दिल्ली में फिलहाल 10,073 छतों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, जिनसे 228 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के अंत तक उत्पादन को 500 मेगावाट तक पहुंचाना और मार्च 2027 तक 2.27 लाख सोलर पैनल लगाना है।
ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली के बिजली बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। सरकार का उद्देश्य केवल मुफ्त बिजली देना नहीं, बल्कि हर घर को ऊर्जा उत्पादक बनाना है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.