बीएमसी चुनाव में ठाकरे बंधुओं की वापसी, उद्धव-राज साथ लड़ेंगे चुनाव

HIGHLIGHTS
- महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम मोड़ आया है।
- आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
- इस गठबंधन की औपचारिक घोषणा से पहले दोनों नेता अपने-अपने परिवारों के साथ शिवाजी पार्क स्थित बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
- शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने गठबंधन की पुष्टि करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे आज संयुक्त रूप से चुनावी साझेदारी का एलान कर…
महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम मोड़ आया है। आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इस गठबंधन की औपचारिक घोषणा से पहले दोनों नेता अपने-अपने परिवारों के साथ शिवाजी पार्क स्थित बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने गठबंधन की पुष्टि करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे आज संयुक्त रूप से चुनावी साझेदारी का एलान करेंगे। उन्होंने इसे महाराष्ट्र और मराठी अस्मिता के लिए महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए शिवसेना की स्थापना की थी और आज उसी विचारधारा को आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है।
एमएनएस नेता यशवंत किल्लेदार ने इस घटनाक्रम को लंबे इंतजार का अंत बताया। उन्होंने कहा कि ठाकरे परिवार के दो भाई एक साथ आ रहे हैं, जिससे दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में उत्साह है। उनके मुताबिक, स्मारक पर श्रद्धांजलि के बाद दोनों नेता संयुक्त प्रेस वार्ता कर गठबंधन की घोषणा करेंगे।
संजय राउत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते दो दशकों में ठाकरे बंधुओं के अलग-अलग रहने से महाराष्ट्र को नुकसान हुआ। अब मुंबई में कथित लूट को रोकने और भाजपा को राजनीतिक चुनौती देने के लिए दोनों एकजुट हुए हैं। उन्होंने बताया कि मुंबई समेत राज्य की 10 नगर निगमों में दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
गठबंधन की घोषणा पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता अतुल लोंढे ने कहा कि हाल ही में अजित पवार और शरद पवार के संभावित गठबंधन की भी खबरें सामने आई हैं, ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि महायुति के भीतर क्या सब कुछ ठीक चल रहा है।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) विधायक सचिन अहीर ने इसे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए ऐतिहासिक दिन करार दिया। उन्होंने कहा कि ठाकरे परिवार का एकजुट होना राज्य के लिए जरूरी है और यह विपक्षी राजनीति के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.































Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.