भारतीय मूल के शख्स ने ट्रेविस केल्से को लगाया चूना, अमेरिका में 11 साल की जेल

HIGHLIGHTS
- सिद्धार्थ जवाहर टेक्सास की स्विफ्टार्क कैपिटल के सह-संस्थापक थे।
- मामले में कुल 64 निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की गई।
- जुलाई 2016 से दिसंबर 2023 तक 35 मिलियन डॉलर से ज्यादा जुटाए गए।
वॉशिंगटन। अमेरिका में भारतीय मूल के एक व्यक्ति को दर्जनों निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में 11 साल जेल की सजा सुनाई गई है। इस मामले में ठगी का शिकार होने वाले निवेशकों में अमेरिकी फुटबॉल स्टार और मशहूर गायिका टेलर स्विफ्ट के पति ट्रेविस केल्से भी शामिल हैं।
38 वर्षीय सिद्धार्थ जवाहर को अमेरिकी अदालत ने 11 साल की जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने ट्रेविस केल्से समेत अन्य निवेशकों को कुल करीब 260 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
अदालत ने फ्रॉड को लेकर की सख्त टिप्पणी
मामले की सुनवाई कर रहे अमेरिकी जिला न्यायाधीश जैचरी एम. ब्लूस्टोन ने सजा सुनाते हुए कहा कि सिद्धार्थ जवाहर के फ्रॉड से हुआ नुकसान काफी बड़ा था और यह अपराध लंबे समय तक चलता रहा। जज ने एक पीड़ित की बात दोहराते हुए कहा कि जवाहर ने निवेशकों के भरोसे को हथियार की तरह इस्तेमाल किया।
स्विफ्टार्क कैपिटल का सह-संस्थापक था जवाहर
सिद्धार्थ जवाहर टेक्सास स्थित निवेश कंपनी 'स्विफ्टार्क कैपिटल' का सह-संस्थापक और प्रबंध साझेदार था। उसने पोंजी स्कीम के जरिए मिसौरी और अन्य राज्यों के कुल 64 निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की।
मिली जानकारी के अनुसार, साल 2015 में जवाहर ने ग्राहकों के पैसे 'फिलिप्स मॉरिस पाकिस्तान' (PMP) नामक एक ही जगह निवेश करने शुरू किए। इसके बाद उसने करीब 99 प्रतिशत ग्राहकों का धन इसी निवेश में लगा दिया। जब निवेश की वैल्यू गिरने लगी तो उसने निवेशकों को वास्तविक स्थिति बताने के बजाय भारी मुनाफे का झूठा दावा किया।
निवेशकों से किए फर्जी वादे
जवाहर ने निवेशकों से यह भी कहा कि उनके पैसे अलग-अलग चुनिंदा कंपनियों में लगाए जा रहे हैं, लेकिन उसने इन वादों को पूरा नहीं किया। जुलाई 2016 से दिसंबर 2023 के बीच उसने निवेशकों से 35 मिलियन डॉलर से ज्यादा जुटाए, जबकि करीब 10 मिलियन डॉलर ही निवेश किए।
निवेशकों के पैसों से जी रहा था आलीशान जिंदगी
नए निवेशकों से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल जवाहर पुराने निवेशकों को भुगतान करने के साथ-साथ अपनी आलीशान जीवनशैली पर भी करता था। वह प्राइवेट जेट से यात्रा करता था, लग्जरी होटलों में ठहरता था और ऑस्टिन व न्यूयॉर्क में शानदार अपार्टमेंट रखता था। इसके अलावा महंगे रेस्तरां और क्लबों में भी पैसे खर्च करता था।
दिसंबर 2023 में धोखाधड़ी के मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद उसने बचने के लिए कई तरीके अपनाए। उसने एक पीड़ित को एफबीआई के सामने अपने पक्ष में अनुकूल बयान देने के लिए उकसाने की कोशिश की।
जवाहर ने अपनी इमिग्रेशन स्थिति और वित्तीय मामलों को लेकर झूठ बोला। इतना ही नहीं, उसने अपनी बहन से अपना आईफोन भी डेटा डिलीट करवाने की कोशिश की, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।
2005 से अमेरिका में अवैध रूप से रहने का खुलासा
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जवाहर साल 2005 से अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था। इस साल जनवरी में उसने धोखाधड़ी से जुड़े तीन मामलों में अपना अपराध स्वीकार कर लिया था।
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