देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर, 22 सितंबर तक जारी रहेगा मौसम का असर

HIGHLIGHTS
- उत्तर-पश्चिम भारत में 16-17 सितंबर को कई जगह बारिश के आसार हैं।
- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 22 सितंबर तक बारिश जारी रह सकती है।
- छत्तीसगढ़ में 20-22 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है।
देश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर रह सकता है। वहीं मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में अलग-अलग मौसम प्रणालियों के असर से 22 सितंबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट भी जारी किया गया है। इस बीच पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती नजर आ रही हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम फिर बदलेगा
मौसम विभाग के मुताबिक, 16 और 17 सितंबर को उत्तर-पश्चिम भारत के जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में कई जगह बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। पंजाब में भी इन दोनों दिनों के दौरान काफी व्यापक बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 17 सितंबर को बारिश का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है।
उत्तरी हरियाणा और आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं पंजाब और राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में भी कम दबाव का क्षेत्र मौजूद है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम सहित हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 20 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में 19 सितंबर तक, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 21 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।
पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा
आईएमडी ने 16 सितंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भारी बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर तेज आंधी के साथ बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 22 सितंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। उत्तराखंड में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में गुरुवार सुबह आंधी के साथ भारी बारिश हुई। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियों को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है।
मध्य भारत में 22 सितंबर तक बारिश के आसार
मध्य भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 और 19 सितंबर को कई जगह बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश का अनुमान है। इसके बाद 19 से 22 सितंबर के बीच भी कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है।
छत्तीसगढ़ में 19 से 22 सितंबर के दौरान कई जगह बारिश होने की संभावना है। 20 से 22 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। विदर्भ में 22 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16-17 और फिर 20-22 सितंबर को, जबकि विदर्भ में 16-21 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत में बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा गंगीय पश्चिम बंगाल में 16 से 22 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक का दौर बना रह सकता है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16-18 सितंबर तथा 22 सितंबर को व्यापक बारिश की संभावना है।
ओडिशा में 19-22 सितंबर के दौरान कई जगह बारिश हो सकती है। बिहार और झारखंड में 16-22 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है। ओडिशा में 16-18 सितंबर को छिटपुट बारिश हो सकती है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 16-17 तथा 19-22 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। 18 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 सितंबर को बहुत भारी तथा 17 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 17-18 सितंबर और ओडिशा में 16 तथा 18-20 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 16-17 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 सितंबर को कई जगह बारिश का अनुमान है।
इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में 18-22 सितंबर और असम-मेघालय समेत अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में 17-22 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 16-20 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16-18 सितंबर तक बिजली चमकने की संभावना है।
अरुणाचल प्रदेश में 16-17 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 17 तथा 19 सितंबर को भारी बारिश और 16 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 तथा 19 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।
गुजरात और महाराष्ट्र में भी बारिश
पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा में 16 सितंबर को कई जगह बारिश हो सकती है। गुजरात क्षेत्र में 17-19 सितंबर और सौराष्ट्र-कच्छ में 17 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान है। इसके बाद गुजरात क्षेत्र में 20-22 सितंबर और सौराष्ट्र-कच्छ में 18-22 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 16-22 सितंबर तक छिटपुट बारिश का दौर जारी रह सकता है। गुजरात क्षेत्र में 17-18 सितंबर और सौराष्ट्र-कच्छ में 16-18 सितंबर को गरज-चमक की संभावना है।
दक्षिण भारत में तेज हवाओं के साथ बारिश
दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा तथा तमिलनाडु-पुडुचेरी और कराईकल में 16-22 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 17-18 सितंबर को कई जगह बारिश होने का अनुमान है।
लक्षद्वीप में 16-18 सितंबर और तटीय कर्नाटक में 20-22 सितंबर को व्यापक बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 19-22 सितंबर के दौरान कई जगह बारिश होने की संभावना है।
तमिलनाडु-पुडुचेरी और कराईकल में 16-20 सितंबर के दौरान गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19-20 सितंबर को तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
केरल और माहे में 18-19 सितंबर को हवा की रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है और झोंकों के साथ यह 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
तमिलनाडु के 16 जिलों में अलर्ट
क्षेत्रीय मौसम केंद्र के अनुसार, गुरुवार को पूरे तमिलनाडु में बारिश की संभावना है। चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम सहित 16 जिलों में मध्यम बारिश के साथ आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं।
उत्तर आंतरिक कर्नाटक से मन्नार की खाड़ी तक करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ट्रफ बना हुआ है। तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे रायलसीमा क्षेत्र में करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है।
11 जिलों में भारी बारिश का अनुमान
नीलगिरी, कोयंबटूर, करूर, तिरुचिरापल्ली, पेरम्बलुर, अरियालुर और तंजावुर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। शुक्रवार को नीलगिरी और कोयंबटूर में भारी बारिश हो सकती है।
शनिवार को उत्तरी तमिलनाडु में बारिश बढ़ने का अनुमान है। तिरुवल्लूर, वेल्लोर, रानीपेट, तिरुपत्तूर, तिरुवन्नामलाई, सलेम, धर्मपुरी और कृष्णगिरि समेत 11 जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
रविवार को पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का असर बढ़ सकता है। नीलगिरी, कोयंबटूर, डिंडीगुल, थेनी, मदुरै, शिवगंगा, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णगिरि, पुदुक्कोट्टई और तिरुचिरापल्ली प्रभावित जिलों में शामिल हैं। राज्य में मंगलवार तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
चेन्नई में कैसा रहेगा मौसम?
चेन्नई और आसपास के इलाकों में गुरुवार को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। शाम या रात के समय कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। अधिकतम तापमान 35-36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27-28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मछुआरों को समुद्र में जाने से सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। अरब सागर में 16 सितंबर को उत्तर गुजरात तट और उससे लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के पास समुद्र की स्थिति खराब रह सकती है।
सोमालिया तट के पास तथा दक्षिण-पश्चिम और उससे लगे पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 19 सितंबर तक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बंगाल की खाड़ी में 21 सितंबर तक दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों तथा अंडमान सागर में समुद्री गतिविधि बनी रह सकती है।
19-20 सितंबर को दक्षिण श्रीलंका तट से लगे दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। तमिलनाडु तट और अरब सागर के लिए फिलहाल अलग से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
22 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
कुल मिलाकर 22 सितंबर तक देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। उत्तर भारत में बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। वहीं मध्य और पूर्वी भारत में कई जगहों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
दक्षिण भारत में तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल के कई हिस्से बारिश और तेज हवाओं से प्रभावित हो सकते हैं। इस बीच पश्चिमी राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने के लिए भी मौसम परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं।
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