पीएम मोदी के जन्मदिन पर जानें उनकी फिटनेस का राज, योग से शुरू करते हैं दिन

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था।
- आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, वह दिन की शुरुआत योग से करते हैं।
- 2022 में उन्होंने आसनों के साथ श्वसन अभ्यासों के महत्व पर भी बात की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर देशभर में उनके जीवन से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की चर्चा हो रही है। राजनीति और सार्वजनिक जीवन से इतर उनकी जीवनशैली की एक ऐसी आदत है, जिसे उनकी सक्रियता और ऊर्जा से जोड़ा जाता है। प्रधानमंत्री अपने दिन की शुरुआत योग से करते हैं।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, योग उन्हें शरीर और मन को मजबूत रखने के साथ व्यस्त दिनचर्या के बीच मानसिक शांति बनाए रखने में भी मदद करता है।
76 वर्ष की उम्र में भी फिटनेस और सक्रियता के संदर्भ में प्रधानमंत्री लगातार योग को जीवनभर अपनाई जाने वाली पद्धति बताते रहे हैं। 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर उन्होंने कहा था कि योग किसी एक उम्र तक सीमित नहीं है। बढ़ती उम्र में भी यह व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद कर सकता है। उन्होंने लचीलेपन, ऊर्जा, मानसिक स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं के संदर्भ में भी योग के महत्व पर बात की।
भारत को विश्व में योग गुरु का दर्जा दिलाने वाले प्रधानमंत्री मोदी की जीवनशैली में भी योग का स्थान है। ऐसे में जानते हैं कि पीएम मोदी का योग रूटीन कैसा है, वह किस तरह योगाभ्यास से जुड़े रहे हैं और सुबह योग करने से शरीर और दिमाग को क्या फायदे हो सकते हैं।
पीएम मोदी का योग रूटीन क्या है?
प्रधानमंत्री की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जीवन परिचय में बताया गया है कि वह अपने दिन की शुरुआत योग से करते हैं। हालांकि, उनकी पूरी निजी दिनचर्या में रोजाना कितने मिनट कौन-सा आसन या कौन-सी कसरत करते हैं, इसकी विस्तृत आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं है।
प्रधानमंत्री योग को सिर्फ शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं मानते। 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उन्होंने योग को चेतना, जीवन-शक्ति और आंतरिक ऊर्जा से जोड़ते हुए कहा था कि यह जीवन के हर पड़ाव को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
पीएम मोदी कौन-कौन से योग करते हैं?
प्रधानमंत्री अलग-अलग अवसरों पर योग और योगाभ्यास से संबंधित वीडियो और संदेश साझा करते रहे हैं। 2022 में उन्होंने आसनों के साथ श्वसन अभ्यासों को भी योग का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था और इनके स्वास्थ्य लाभों की ओर ध्यान दिलाया था।
हालांकि, किसी एक आसन की सूची को प्रधानमंत्री के रोजाना के निजी अभ्यास के तौर पर बताने के लिए पर्याप्त आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसलिए सुबह योग शुरू करने वाले लोगों को किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की सलाह लेकर अपनी उम्र, शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार आसनों का चुनाव करना चाहिए।
76 की उम्र में फिटनेस के लिए पीएम मोदी का क्या है फोकस?
प्रधानमंत्री की फिटनेस में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। 2026 के योग दिवस पर उन्होंने 'स्वस्थ बुजुर्ग जीवन के लिए योग' की थीम का उल्लेख करते हुए कहा था कि उम्र बढ़ने का अर्थ मानव क्षमता का कम होना नहीं होना चाहिए। उन्होंने नियमित योग को शरीर को मजबूत रखने, मन को शांत करने और जीवन में आत्म-जागरूकता बढ़ाने वाली आदत के रूप में बताया।
इसलिए उनकी फिटनेस को सिर्फ 'वर्कआउट' के नजरिए से देखना पूरा नहीं होगा। उनके सार्वजनिक संदेशों में योग, संतुलित जीवनशैली, नियमित अभ्यास और मानसिक संतुलन पर जोर दिखाई देता है।
सुबह योगाभ्यास के शरीर और दिमाग पर 7 फायदे
1. शरीर में लचीलापन बढ़ाने में मदद
सुबह योगाभ्यास करने से शरीर को धीरे-धीरे सक्रिय करने में मदद मिल सकती है। नियमित अभ्यास शरीर के अलग-अलग हिस्सों की गतिशीलता और लचीलेपन को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
2. दिन की शुरुआत ऊर्जा के साथ
सुबह योग करने से शरीर में गतिविधि शुरू होती है और लंबे समय तक बैठे रहने वाली जीवनशैली के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। नियमित शारीरिक गतिविधि दिनभर सक्रिय रहने की आदत बनाने में सहायक हो सकती है।
3. तनाव कम करने में मदद
योग में आसनों के साथ सांसों पर ध्यान और नियंत्रित श्वसन अभ्यास भी शामिल होते हैं। प्रधानमंत्री ने भी आसनों के अलावा श्वसन अभ्यासों के स्वास्थ्य लाभों का उल्लेख किया है। सुबह कुछ समय शांत होकर सांसों पर ध्यान देने से दिन की शुरुआत अधिक व्यवस्थित और शांत हो सकती है।
4. मानसिक एकाग्रता के लिए उपयोगी
योग केवल शरीर को मोड़ने या खींचने का अभ्यास नहीं है। इसमें शरीर, सांस और ध्यान के बीच तालमेल बनाया जाता है। नियमित अभ्यास व्यक्ति को अपने शरीर और मन के प्रति अधिक जागरूक बनाने में मदद कर सकता है।
5. लंबे समय तक सक्रिय रहने में मदद
उम्र बढ़ने के साथ शरीर की गतिशीलता बनाए रखना महत्वपूर्ण हो जाता है। इस वर्ष योग दिवस पर प्रधानमंत्री ने योग को स्वस्थ और सक्रिय उम्र बढ़ने से जोड़ते हुए जीवन के अलग-अलग चरणों में ऊर्जा और लचीलापन बनाए रखने की बात कही।
6. नींद और दिनचर्या में संतुलन
योग आधारित जीवनशैली में केवल व्यायाम ही नहीं, बल्कि संतुलित खान-पान, गतिविधि और नींद को भी महत्व दिया जाता है। प्रधानमंत्री ने संतुलित खान-पान, गतिविधियों और नींद-जागने के संतुलन को स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ा था।
7. हेल्दी एजिंग में मददगार हो सकता है
योग को उम्र के किसी एक पड़ाव तक सीमित नहीं किया जा सकता। नियमित और सही तरीके से किया गया योग शरीर की गतिशीलता, मानसिक शांति और जीवनशैली में अनुशासन बनाए रखने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'Yoga for Healthy Ageing' रखी गई थी।
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