यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा दो चरणों में पूरी, छात्रों को मिलेगा एक और मौका

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश बोर्ड की इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षाएं अब दो चरणों में सफलतापूर्वक पूरी हो गई हैं। इस परीक्षा के लिए कुल 21,74,326 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। प्रथम चरण में 1355 और दूसरे चरण में 1754 छात्र अनुपस्थित रहे। हालांकि वास्तविक संख्या इससे कम हो सकती है, क्योंकि कई छात्र एक से अधिक विषयों में पंजीकृत थे।
परीक्षा छूटने वाले छात्रों को मिलेगा नया अवसर
पहले चरण में चार परीक्षक प्रायोगिक परीक्षा के लिए उपस्थित नहीं हुए, जिससे 369 छात्रों की परीक्षा नहीं हो सकी। वहीं, दूसरे चरण में आठ परीक्षक न आने के कारण 884 छात्रों की परीक्षा नहीं हो पाई। यूपी बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि जिन छात्रों की प्रायोगिक परीक्षा छूटी, उन्हें लिखित परीक्षा के बाद एक और अवसर मिलेगा।
प्रायोगिक परीक्षा का आयोजन
यूपी बोर्ड ने प्रथम चरण की परीक्षा 24 जनवरी से 1 फरवरी तक प्रदेश के 10 मंडलों में आयोजित की। कुछ केंद्रों की मांग पर अंतिम तिथि बढ़ाकर 4 फरवरी कर दी गई थी। दूसरे चरण में शेष आठ मंडलों के जिलों में 2 फरवरी से 9 फरवरी तक परीक्षा संपन्न कराई गई।
छूटी परीक्षा को पूरा करने की तिथि
बचे हुए प्रायोगिक परीक्षा के लिए तिथि 13 फरवरी निर्धारित की गई। इस दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षक पहुंचे और शेष छात्रों की परीक्षा सम्पन्न कराई गई। परीक्षार्थियों को प्राप्त अंक वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड किए गए।
लिखित परीक्षा के बाद होगी प्रायोगिक
यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने बताया कि जिन छात्रों की प्रायोगिक परीक्षा छूटी है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की लिखित परीक्षाएं संपन्न होने के बाद उन्हें प्रायोगिक परीक्षा में भाग लेने का एक और मौका दिया जाएगा। परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले परीक्षकों से कारण पूछा जाएगा।
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