यूपीआई ने मई 2026 में बनाया नया रिकॉर्ड, 29.90 लाख करोड़ का ट्रांजैक्शन

नई दिल्ली। भारत का डिजिटल भुगतान सिस्टम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चाय की छोटी दुकानों से लेकर बड़े मॉल और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तक, यूपीआई आज देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। अब इस सिस्टम ने मई 2026 में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है।
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई में यूपीआई के जरिए अब तक का सबसे अधिक ट्रांजैक्शन दर्ज किया गया, जिसने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
मई में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे यूपीआई लेनदेन
एनपीसीआई के मुताबिक, मई 2026 में यूपीआई पर कुल 23.2 बिलियन (2,320 करोड़) ट्रांजैक्शन हुए, जबकि इनका कुल मूल्य 29.90 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा मासिक आंकड़ा है।
क्यों बढ़े इतने बड़े स्तर पर डिजिटल लेनदेन?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ोतरी वास्तविक मांग और बढ़ते डिजिटल उपयोग का नतीजा है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार गर्मियों की छुट्टियों में यात्रा, आईपीएल 2026 का उत्साह और रोजमर्रा के खर्चों में बढ़ोतरी ने यूपीआई ट्रांजैक्शन को नई गति दी।
पिछले महीनों और सालाना आधार पर मजबूत ग्रोथ
अगर अप्रैल 2026 से तुलना करें तो उस महीने यूपीआई लेनदेन 22.35 बिलियन थे, जबकि कुल वैल्यू 29.03 लाख करोड़ रुपये रही। सालाना आधार पर भी तेज वृद्धि दर्ज की गई है, जो डिजिटल भुगतान के तेजी से विस्तार को दर्शाती है।
औसत ट्रांजैक्शन साइज में गिरावट का क्या मतलब?
रिपोर्ट्स के अनुसार यूपीआई का औसत ट्रांजैक्शन साइज 2021 के 1,848 रुपये से घटकर 2025 में लगभग 1,313 रुपये हो गया है। इसका अर्थ यह है कि अब लोग छोटे-छोटे रोजमर्रा के भुगतान के लिए भी डिजिटल माध्यम का अधिक उपयोग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय: यह कमजोरी नहीं, मजबूती का संकेत
विशेषज्ञ इसे किसी गिरावट के रूप में नहीं देखते, बल्कि इसे डिजिटल भुगतान प्रणाली की परिपक्वता मानते हैं। उनका कहना है कि यूपीआई अब केवल बड़े भुगतान नहीं, बल्कि दैनिक लेनदेन का भी हिस्सा बन चुका है।
UPI का संचालन और भूमिका
यूपीआई का संचालन NPCI द्वारा किया जाता है, जो भारतीय रिजर्व बैंक और इंडियन बैंक एसोसिएशन की साझेदारी से बना संगठन है। यह रियल टाइम डिजिटल भुगतान प्रणाली के रूप में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी लाने का काम कर रहा है।
आगे क्या? क्रेडिट और अंतरराष्ट्रीय विस्तार बनेगा नया चरण
विशेषज्ञों के अनुसार यूपीआई का अगला चरण ‘क्रेडिट-ऑन-यूपीआई’ और अंतरराष्ट्रीय विस्तार होगा। पहले से ही कई देशों में यूपीआई सेवा शुरू हो चुकी है, जिससे इसका वैश्विक नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है।
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