उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का पूर्वोत्तर दौरा, युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील

HIGHLIGHTS
- उपराष्ट्रपति ने गीतानगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित किया।
- उन्होंने शिक्षा को रोजगार की तैयारी तक सीमित नहीं रखने की बात कही।
- विद्यार्थियों से नशीली दवाओं से दूरी बनाए रखने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को कहा कि शिक्षा का मकसद सिर्फ युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना नहीं है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशीली दवाओं से दूर रहने और स्वस्थ एवं विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने यह बात यहां गीतानगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने पूर्वोत्तर के विकास को केंद्र सरकार की प्राथमिकता बताते हुए असम की सांस्कृतिक विरासत और लचित बरफुकन के योगदान को भी याद किया। चार दिवसीय पूर्वोत्तर दौरे के लिए गुवाहाटी पहुंचने पर हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और अन्य लोगों ने उनका स्वागत किया।
तीन राज्यों के दौरे पर रहेंगे उपराष्ट्रपति
उल्लेखनीय है कि छह से नौ सितंबर तक चलने वाली उनकी यात्रा में असम के अलावा मेघालय, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं। इस दौरान वह शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों का दौरा करेंगे।
गुवाहाटी में अपने पहले दिन उपराष्ट्रपति गीतानगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होने के बाद श्रीमंत शंकरदेव स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भी हिस्सा लेंगे।
सात सितंबर को मेघालय जाएंगे उपराष्ट्रपति
सात सितंबर को उपराष्ट्रपति गुवाहाटी विश्वविद्यालय में शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके साथ ही वह विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रमुख नागरिकों से संवाद करेंगे। इसके बाद वह शिलांग के लिए रवाना होंगे, जहां सोसो थाम सभागार में सार्वजनिक अभिनंदन और सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
आठ को मणिपुर, नौ को अरुणाचल
आठ सितंबर को उपराष्ट्रपति इंफाल जाएंगे। यहां वह मोइरांग स्थित आजाद हिंद फौज संग्रहालय और युद्ध स्मारक के साथ सैनिक स्कूल का दौरा करेंगे। इसके बाद वह ईटानगर पहुंचेंगे।
दौरे के अंतिम दिन नौ सितंबर को उपराष्ट्रपति अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में शामिल होंगे। वह विधानसभा गैलरी-सह-संग्रहालय, न्येदर नामलो, जवाहरलाल नेहरू राज्य संग्रहालय और श्रवण एवं दृष्टिबाधित बच्चों के डोनी पोलो मिशन स्कूल का भी दौरा करेंगे।
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