'जालीदार टोपी न छिटक जाए...', राम मंदिर को लेकर सीएम योगी ने कांग्रेस-सपा पर साधा निशाना

HIGHLIGHTS
- लखनऊ के गोमतीनगर में आयोजित हुआ कार्यक्रम
- अशोक सिंहल के जीवन पर डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई
- जन्म शताब्दी वर्ष 1926-2026 के तहत आयोजन
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर के शिलान्यास और रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कांग्रेस और सपा के लोग शामिल नहीं हुए, क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं उनकी जालीदार टोपी न छिटक जाए। उन्होंने कहा कि रामकाज में कालनेमि भी प्रवेश करेंगे, इसलिए ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री रविवार को गोमतीनगर स्थित एक स्कूल में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष (1926-2026) के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान अशोक सिंहल के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।
सीएम योगी ने कहा कि गुलामी के प्रतीकों को खत्म करने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि रामद्रोही अयोध्या को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। उनके मुताबिक, रामभक्तों पर गोली चलाने वालों का खुद को रामभक्त बताने का प्रयास विश्व हिंदू परिषद की वैचारिक जीत है।
उन्होंने कहा कि अशोक सिंहल ने 1980 के दशक में जिस ज्योति को प्रज्वलित किया था, वह आज ज्वाला का रूप लेकर हिंदू समाज के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार काम कर रही है। अशोक सिंहल काशी हिंदू विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान आरएसएस के संपर्क में आए थे और उन्होंने अपना जीवन सनातन धर्म के लिए समर्पित कर दिया। उनके जीवन का संकल्प था कि जब तक राम का काम पूरा नहीं होगा, तब तक विश्राम नहीं करेंगे। सीएम के अनुसार, उन्होंने राम मंदिर आंदोलन के दौरान बिखरे समाज को एकजुट किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 नवंबर 1990 को जब तत्कालीन सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, तब अशोक सिंहल मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने कहा कि अशोक सिंहल का सपना अब भव्य राम मंदिर के रूप में सामने है।
कार्यक्रम में विहिप के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे, आरएसएस के प्रांत प्रचारक कौशल, संत श्रीकृष्ण शाह विद्यार्थी, रविंद्र कीर्ति स्वामी जी, भंते शीलरत्न, सरदार निर्मल सिंह, महंत अवधेश दास, महंत धर्मेंद्र दास, महंत दिव्य गिरि, विहिप के प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल, क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और एमएलसी महेंद्र सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
अयोध्या के बदलाव का किया जिक्र
सीएम योगी ने कहा कि उनके गुरु अवैद्यनाथ राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के अध्यक्ष थे। अशोक सिंहल के साथ गोरखपुर और कारसेवकपुरम में राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी बैठकें होती थीं।
उन्होंने कहा कि पहले अयोध्या में परिक्रमा पर रोक लगाई जाती थी, जबकि अब वहां भव्य दीपोत्सव होता है। रामपथ, धर्मपथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ फोरलेन से जुड़े हैं। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, मां शबरी के नाम पर भोजनालय और निषादराज के नाम पर यात्री विश्रामालय बनाए गए हैं। संतों के नाम पर मंदिर और मूर्तियां भी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी अंधेरे में रहने वाली अयोध्या अब सोलर सिटी बन चुकी है।
'गो-माता को पशु कहने वालों की बुद्धि पशुवत'
सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग नकल करते हुए गाय को पशु घोषित करने का ज्ञापन देते हैं। उन्होंने कहा कि गाय को पशु कहने वालों की बुद्धि पशुवत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में अवैध बूचड़खानों में गोमाता को काटा जाता था। उनकी सरकार ने सख्त कानून बनाया और 7,700 से अधिक गोशालाओं का निर्माण कराया। उन्होंने कहा कि सरकार 16 लाख गायों का संरक्षण कर रही है।
सीएम ने कहा कि जो लोग अवैध बूचड़खाने चला रहे थे और गोमाता की तस्करी कराते थे, उनसे सवाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अशोक सिंहल से जो सीखा है, उसे जमीन पर उतारा गया है।
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