बीमा क्लेम घोटाले में 13 पुलिसकर्मी निलंबित, तीन जिलों में हड़कंप

सड़क दुर्घटना मामलों की जांच में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और बीमा क्लेम में हेराफेरी का खुलासा हुआ है। बीमा कंपनी की शिकायत के बाद कराई गई जांच में कई पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। इसके चलते गोंडा, बहराइच और श्रावस्ती जिलों के एक निरीक्षक सहित 12 उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि तीन अन्य के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है।
आईजी अमित पाठक ने बताया कि नामित बीमा कंपनी के अधिकारी राजेंद्र प्रताप सिंह की शिकायत के बाद तीनों जिलों में एसआईटी गठित कर दुर्घटना मामलों की विस्तृत जांच कराई गई थी।
एसआईटी जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताएं
जांच में श्रावस्ती की भिनगा कोतवाली के निरीक्षक योगेश सिंह को दोषी पाते हुए निलंबित किया गया। इसके अलावा बहराइच के हरदी थाने के अरुण कुमार पांडेय, रामगांव के संजीव कुमार द्विवेदी व रूपनरायन गौड़, नानपारा के राजेश्वर सिंह, मटेरा के तेज नारायण यादव और राकेश कुमार, मोतीपुर के विजय यादव व दिवाकर तिवारी को भी निलंबित किया गया है।
गोंडा जिले में खरगूपुर थाने के शेषनाथ पांडेय और इटियाथोक थाने के शशांक मौर्य को निलंबन का सामना करना पड़ा। वहीं श्रावस्ती के इकौना थाने के शैलेश कुमार त्रिपाठी और प्रेमचंद को भी निलंबित कर दिया गया है।
तीन उपनिरीक्षकों पर आगे की कार्रवाई
बहराइच के नवाबगंज थाने के अशोक कुमार जायसवाल, बौंडी के मेहताब आलत और श्रावस्ती के भिनगा कोतवाली के गुरूसेन सिंह का पहले ही दूसरे जिलों में तबादला हो चुका है। ऐसे में उनके खिलाफ निलंबन व विभागीय कार्यवाही के लिए संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को रिपोर्ट भेजी गई है।
जांच में क्या सामने आया
आईजी अमित पाठक ने बताया कि जांच में यह सामने आया कि कई मामलों में दुर्घटना से जुड़े तथ्यों को जानबूझकर बदला गया। नियमों को दरकिनार करते हुए बीमा भुगतान दिलाने के लिए वाहनों और आरोपियों की जानकारी तक में हेरफेर किया गया, जिससे बीमा कंपनियों को गलत तरीके से क्षतिपूर्ति दिलाई गई।
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