66 साल के नाटक अब मोबाइल पर: एनएसडी का ऑडियो प्लेटफॉर्म ‘आकाश’ लॉन्च

यदि आप नाटकों के शौकीन हैं और खासकर पुराने नाटकों को लाइव देखने का मौका नहीं मिल पाता, तो आपके लिए अच्छी खबर है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अधीनस्थ नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) अब अपने नाटकों को रेडियो और मोबाइल एप के माध्यम से उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। इसके जरिए दुनिया में कहीं भी बैठे हिंदी और क्षेत्रीय भाषा के दर्शक या श्रोता एनएसडी के 66 साल पुराने नाटकों का ऑडियो सुन सकेंगे।
एनएसडी के डायरेक्टर चित्तरंजन त्रिपाठी ने बताया कि 66 साल पुराने नाटकों का ऑडियो संकलन का काम जारी है। इसे सुनने के लिए एनएसडी ने “आकाश” नामक मोबाइल एप तैयार किया है। एप डाउनलोड करने के बाद उपयोगकर्ता आसानी से पुराने नाटकों की ध्वनि सुन सकते हैं। यह सुविधा रंगप्रेमियों को नाटकों की दुनिया से जोड़ने का अनूठा अवसर देगी।
भारत रंग महोत्सव का 25वां संस्करण 27 जनवरी से
एनएसडी डायरेक्टर त्रिपाठी ने बताया कि भारत रंग महोत्सव का 25वां संस्करण 27 जनवरी से 20 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में दिल्ली के अलावा देश के 40 शहरों में नाटकों का मंचन होगा। हर महाद्वीप से एक देश को आमंत्रित किया गया है। इस बार के महोत्सव में 136 भारतीय और 12 विदेशी नाटक, 228 भाषाओं और बोलियों में 277 प्रस्तुतियाँ शामिल होंगी। इसमें महिला निर्देशकों द्वारा बनाई गई 33 प्रस्तुतियों के साथ 19 विश्वविद्यालय और 14 स्थानीय प्रस्तुतियां भी होंगी।
एनएसडी के उपाध्यक्ष प्रोफेसर भरत गुप्त ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के लेह-लद्दाख में माइनस डिग्री तापमान में भी दर्शकों को नाटक देखने का मौका मिलेगा। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश (मंडी), हरियाणा (रोहतक), अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, दमन और दीव, मिजोरम (आइजोल), मेघालय (तुरा) और असम (नगांव) में भी नाटक मंचित होंगे। महोत्सव में मैथिली, भोजपुरी, तुलु, उर्दू, संस्कृत, ताई खामती और न्यिशी जैसी भाषाओं के अलावा आदिवासी और लुप्तप्राय भाषाओं को भी शामिल किया गया है।
इस पहल से न केवल नाटकों का संरक्षण होगा, बल्कि दूर-दराज के दर्शक भी रंगमंच की सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ सकेंगे।
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