उर्दू शब्द 'कयामत' का इस्तेमाल न करें, सीएम योगी के बयान पर अखिलेश का पलटवार

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भाषा और विवाद के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मंगलवार को बाराबंकी में एक रैली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबरी मस्जिद और अयोध्या के राम मंदिर को लेकर तीखे शब्दों में अपने विचार रखे। इसके बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने नई दिल्ली से पलटवार किया।
सीएम योगी का बयान
बाराबंकी में सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार काम कर रही है और किसी की आशा के विपरीत “कयामत का दिन” कभी नहीं आएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाबरी मस्जिद अब कभी नहीं बन पाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम अपनी विरासत को मजबूत बनाए रखेंगे। 500 साल बाद अयोध्या में गौरवपूर्ण क्षण आया। कितनी सरकारें आईं और गईं, कितने राजा-महाराजा हुए, फिर भी राम मंदिर क्यों नहीं बन पाया। राम सबके हैं।”
योगी ने आगे कहा कि जो अवसरवादी संकट में राम को याद करते हैं, वे राम के मार्ग से भटक जाते हैं। उन्होंने कानून का पालन करने और देश को विकसित और वैभवशाली बनाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कायदे से रहना सीखो, कानून मानोगे तो फायदे में रहोगे, नहीं तो रास्ता सीधे जहन्नुम जाता है।
अखिलेश यादव का पलटवार
नई दिल्ली में अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब BJP सत्ता खोने का डर महसूस करती है, तब वह कम्युनल राजनीति करती है। यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सीएम को उर्दू से परेशानी है, इसलिए ‘कयामत’ जैसे शब्दों का प्रयोग न करें। उन्होंने कहा एक CM जो उर्दू के खिलाफ था, अब ‘कयामत’ जैसे शब्द बोल रहा है। जितना ज्यादा डर, उतना ही ज्यादा कम्युनल रुख।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.