अखिलेश यादव ने वोटर सूची और चुनाव आयोग को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि असली मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं और फर्जी नाम जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, लेकिन जब सपा भाजपा की गड़बड़ियों की शिकायत करती है तो उसे गंभीरता से नहीं लिया जाता।
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग का काम मतदाता सूची को मजबूत बनाना है, लेकिन इसके उलट बड़ी संख्या में वोट काटे जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे ऐसा प्रतीत होता है कि आयोग सत्तारूढ़ दल के हित में काम कर रहा है। सपा ने एसआईआर के तहत भरे गए कई फॉर्म से जुड़ी जानकारियां हाल ही में आयोग को सौंपने की बात भी कही।
उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के गांवों में लाखों की संख्या में ऐसे प्रिंटेड फॉर्म बांटे जा रहे हैं जिनका इस्तेमाल वोट कटवाने के लिए किया जा रहा है। अखिलेश ने सवाल उठाया कि ये फॉर्म आखिर कहां से आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि फर्जी हस्ताक्षर किए जा रहे हैं तो यह गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उनका आरोप था कि कुछ अधिकारी इस पूरे मामले में शामिल हैं और अन्य कर्मचारियों पर दबाव बना रहे हैं।
ममता बनर्जी के रुख की सराहना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर मामले पर खुद पैरवी करने को लेकर अखिलेश यादव ने उनकी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी भाजपा के खिलाफ मजबूती से खड़ी हैं और समाजवादी पार्टी भी उनके साथ है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को विपक्ष की बातों को गंभीरता से सुनना चाहिए।
भारत-अमेरिका समझौते पर सवाल
भारत-अमेरिका समझौते को लेकर सपा प्रमुख ने कहा कि यह समझौता नहीं बल्कि देश के हितों में ढील जैसा है। उन्होंने दावा किया कि अगर कोई भी नीति देश की बड़ी कृषि-आधारित आबादी को नुकसान पहुंचाती है तो वह फायदेमंद नहीं हो सकती। कृषि और डेयरी क्षेत्र को लेकर सरकार के दावों पर भी उन्होंने भविष्य में जवाबदेही तय करने की बात कही।
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